IRCTC होटल घोटाला मामला: लालू यादव और परिवार की याचिकाओं पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कथित IRCTC होटल घोटाला मामले में उनके खिलाफ आपराधिक आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।
दिल्ली हाईकोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट के अनुसार, ये मामले 27 जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दायर कर ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप तय किए गए हैं।
इससे पहले हाईकोर्ट ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से दायर याचिकाओं तथा ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जियों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी करते समय न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा था कि इन याचिकाओं को लालू प्रसाद यादव की याचिका के साथ ही एक साथ सुना जाएगा।
राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में दलील दी है कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और सबूतों का सही आकलन किए बिना केवल अनुमान के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए। वहीं तेजस्वी यादव ने भी ट्रायल कोर्ट के आदेश की वैधता और सही होने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अभियोजन पक्ष प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं बना पाया, जिससे आरोप तय किए जा सकें।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने का रास्ता साफ किया था। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया था।
विशेष अदालत ने 29 मई को आरोप तय करने के मुद्दे पर विस्तृत बहस सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था। इस मामले में प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता और रेलवे के अधिकारी राकेश सक्सेना व पी.के. गोयल भी आरोपी हैं।
यह कथित घोटाला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान IRCTC के दो होटलों को तय मानकों का पालन किए बिना लीज पर दिया गया। इनमें से एक होटल सरला गुप्ता को आवंटित किया गया था, जो प्रेम गुप्ता की पत्नी हैं और उस समय प्रेम गुप्ता राज्यसभा सांसद और लालू यादव के करीबी माने जाते थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसके बदले में लालू यादव ने एक बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ की कीमती जमीन हासिल की। हालांकि लालू प्रसाद यादव ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि टेंडर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिए गए थे और उन्होंने इस मामले से खुद को बरी किए जाने की मांग की है।
