जैकी श्रॉफ ने भगवाण दादा को दी श्रद्धांजलि
चिरौरी न्यूज
मुंबई: अभिनेता जैकी श्रॉफ ने दिग्गज डांसर-अभिनेता भगवाण दादा की 24वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जैकी ने इंस्टाग्राम पर भगवाण दादा की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर और 1951 की क्लासिक फिल्म अलबेला के सदाबहार गीत ‘शोला जो भड़के’ पर परफॉर्मेंस का वीडियो साझा किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, “भगवाण दादा की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा हूं।”
भगवाण दादा हिंदी सिनेमा की सामाजिक फिल्मों के अग्रदूतों में गिने जाते हैं। उन्हें अलबेला और उसके लोकप्रिय गीत ‘शोला जो भड़के’ तथा ‘ओ बेटा जी ओ बाबूजी किस्मत की हवा कभी नरम’ के लिए खास तौर पर जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मूक फिल्मों के दौर में क्रिमिनल से की थी। 1938 में उन्होंने चंद्रराव कदम के साथ बहादुर किसान का सह-निर्देशन किया। इसके बाद 1938 से 1949 तक उन्होंने कई कम बजट की स्टंट और एक्शन फिल्में बनाईं, जो कामकाजी वर्ग में काफी लोकप्रिय रहीं। इस दौर की उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में तमिल फिल्म वना मोहिनी भी शामिल है।
1942 में भगवाण दादा ने जागृति पिक्चर्स के साथ निर्माता के रूप में कदम रखा और 1947 में चेंबूर में जागृति स्टूडियो की स्थापना की। राज कपूर की सलाह पर उन्होंने सामाजिक फिल्म अलबेला बनाई, जिसमें वह स्वयं और गीता बाली मुख्य भूमिका में थे। फिल्म का संगीत उनके मित्र सी. रामचंद्र (चितलकर) ने दिया था। उन्होंने 1956 में भगम भाग का निर्देशन और अभिनय भी किया। हालांकि, करियर के अंतिम वर्षों में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और 2002 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
इसी बीच, जैकी श्रॉफ ने अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर को उनके 52वें जन्मदिन पर भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने फिल्म रंगीला (1995) के मशहूर गीत ‘तन्हा तन्हा यहां पे जीना’ के साथ उर्मिला की तस्वीरों का एक वीडियो मोंटाज साझा किया और कैप्शन में लिखा, “हैप्पीनेस ऑलवेज़।”
गौरतलब है कि रंगीला को हाल ही में बड़े पर्दे पर फिर से रिलीज किया गया, क्योंकि फिल्म ने हिंदी सिनेमा में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं। राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उर्मिला मातोंडकर, आमिर खान और जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म एक महत्वाकांक्षी लड़की मिली की कहानी है, जो अभिनेत्री बनना चाहती है, लेकिन उसकी जिंदगी तब उलझ जाती है जब मशहूर अभिनेता राज कमल और उसका बचपन का दोस्त मुन्ना—दोनों उससे प्यार करने लगते हैं।
