भारतीय अर्थव्यवस्था पर राहुल गांधी को किरेन रिजिजू की नसीहत, एलन मस्क के बयान का दिया हवाला
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना पर पलटवार करते हुए टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के बयान का हवाला दिया है। रिजिजू ने कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन देश की उपलब्धियों को कमतर दिखाना या भारत को बदनाम करना उचित नहीं है।
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए रिजिजू ने लिखा, “मैं आमतौर पर गैर-भारतीयों के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देता। लेकिन मैं एलन मस्क का हवाला सिर्फ राहुल गांधी जी को सचेत करने के लिए दे रहा हूं। सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भारत को नीचा न दिखाएं। भारत की उपलब्धियों को कभी कम न आंकें। एक गर्वित भारतीय बनिए।”
एलन मस्क का क्या था बयान
एलन मस्क ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एक सूची साझा की थी, जिसके मुताबिक 2026 में वैश्विक GDP में चीन और भारत की संयुक्त हिस्सेदारी 43.6% रहने का अनुमान है। इस सूची में अमेरिका 9.9% के साथ तीसरे स्थान पर बताया गया है।
इसके अलावा, डेटा में कहा गया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र इस साल के अंत तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में 50% से अधिक योगदान देगा।
इन आंकड़ों को साझा करते हुए मस्क ने लिखा, “पावर बैलेंस बदल रहा है…”
भारत एशिया की अगली अगुवाई कर रहा है
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति माने जाने वाले एलन मस्क, जो भारत की आर्थिक प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मुलाकात भी कर चुके हैं, के इस बयान को एशिया की ओर वैश्विक आर्थिक शक्ति के झुकाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसमें भारत को इस बदलाव की कतार में सबसे आगे माना जा रहा है।
जनवरी 2026 में IMF ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3% कर दिया था। IMF की कम्युनिकेशन विभाग प्रमुख जुली कोजैक ने भारत को “दुनिया के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन” बताया था।
बजट के बाद सियासी टकराव
रिजिजू का यह बयान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 के बाद आया है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने इसे बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और घरेलू बचत में गिरावट जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी करने वाला बताया था।
राहुल गांधी ने कहा था, “यह बजट कोर्स करेक्शन से इनकार करता है और भारत के असली संकटों से आंखें मूंदे हुए है।” उनकी टिप्पणी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “इंडिया इज ए डेड इकॉनमी” वाले बयान की झलक भी देखी गई।
वित्त मंत्री का जवाब
राहुल गांधी की आलोचना पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “पूरे सम्मान के साथ, मुझे नहीं पता कि वह किस कोर्स करेक्शन की बात कर रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था और उसकी बुनियाद पूरी तरह मजबूत है।”
इस तरह बजट 2026 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बहस और तेज हो गई है।
