धर्मस्थल ‘मास बरीयल’ केस में बड़ा मोड़: झूठी गवाही देने पर शिकायतकर्ता चिन्नैया गिरफ्तार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: धर्मस्थल में कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज दावे करने वाले शिकायतकर्ता सी.एन. चिन्नैया उर्फ चिन्ना को कर्नाटक पुलिस ने झूठी गवाही देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, चिन्ना ने मजिस्ट्रेट के समक्ष जो बयान दिया था, वह झूठा और मनगढ़ंत पाया गया।
चिन्ना, जिसे पहले ‘नकाबपोश गवाह’ कहा जा रहा था, ने दावा किया था कि वह गांव में सैकड़ों शवों को दफनाने में शामिल था और उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। उसने एक खोपड़ी लेकर पुलिस थाने में दाखिल होकर मामले की शुरुआत की थी और कहा था कि वह अब अपराधबोध से ग्रसित है तथा गवाही देना चाहता है।
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने चिन्ना की गवाही पर भरोसा नहीं किया और जब गहन पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने अदालत में झूठ बोला है। इसके बाद उसकी गवाह सुरक्षा हटाकर उसे हिरासत में ले लिया गया।
इसी केस से जुड़ी एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसमें एक महिला सुजाता भट्ट ने दावा किया था कि उसकी बेटी अनन्या भट्ट, जो एक एमबीबीएस छात्रा है, धर्मस्थल से लापता हो गई है। बाद में उसने एक यूट्यूब चैनल पर कहा कि अनन्या कभी अस्तित्व में थी ही नहीं। अब एक और यू-टर्न में उसने दावा किया है कि उसे यह बयान दबाव में देना पड़ा।
इस पूरे मामले ने जुलाई में तूल पकड़ा था और राजनीतिक रंग भी ले लिया था। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने दावा किया कि चिन्ना और सुजाता भट्ट सिर्फ मोहरे हैं, और किसी बड़े नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रहे थे। उन्होंने SIT के गठन पर भी सवाल उठाया, खासकर तब जब स्थानीय पुलिस नार्को-एनालिसिस की मांग कर रही थी।
वहीं, कांग्रेस सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी शुरुआत में खुद SIT जांच के पक्ष में थी और अब राजनीति कर रही है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, “हम न किसी के पक्ष में हैं, न विपक्ष में। जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी। धर्म को राजनीति में घसीटना सही नहीं।”
यह मामला अभी भी जांच के अधीन है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
