महाकाल मंदिर में दर्शन करने पर अभिनेत्री नुसरत भरूचा पर भड़के मौलाना

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में हाल ही में नुसरत भरूचा के दर्शन और भस्म आरती में हिस्सा लेने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कुछ धार्मिक नेताओं ने उनके इस कदम की आलोचना की, जबकि अभिनेत्री ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता और विश्वास पर साफ़ कहा कि वह अपने रास्ते पर अडिग हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने नुसरत भरूचा के मंदिर दर्शन को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए इसे “गंभीर पाप” करार दिया। उन्होंने कहा, “शरिया कानून के अनुसार पूजा करना और चंदन लगाना पाप है। ऐसे काम इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ हैं। नुसरत को पछतावा करना चाहिए और कलमा पढ़ना चाहिए।”
इस विवाद के बीच नुसरत भरूचा ने अपने दृष्टिकोण को साफ़ किया। उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग पूजा स्थलों पर शांति पाने में विश्वास करती हैं—चाहे वह मंदिर हो, मस्जिद हो या चर्च। एक इंटरव्यू में नुसरत ने कहा, “मेरे लिए मेरा विश्वास सच्चा है। ऐसी चीजें जो सच नहीं लगतीं, वही मेरे विश्वास को मजबूत करती हैं। इसलिए मैं अभी भी जुड़ी हुई हूं और मजबूत हूं, और मुझे पता है कि मुझे इसी रास्ते पर चलना है।”
नुसरत ने आगे कहा, “जहां भी आपको शांति मिले, वहां जाना चाहिए—चाहे वह मंदिर हो, गुरुद्वारा हो या चर्च। मैं यह साफ़ कहती हूं: मैं नमाज़ पढ़ती हूं। अगर समय मिले तो दिन में पांच बार पढ़ती हूं। यात्रा के दौरान भी अपनी नमाज़ की चटाई साथ रखती हूं। मैंने हमेशा माना है कि एक ही भगवान है, और उनसे जुड़ने के अलग-अलग रास्ते हैं। मैं उन सभी रास्तों को खोजना चाहती हूं।”
काम की बात करें तो नुसरत भरूचा आखिरी बार फिल्म ‘उफ्फ ये सियापा’ में दिखाई दी थीं। उनका अगला बड़ा प्रोजेक्ट ‘बन टिक्की’ है, जो 2026 में रिलीज़ होने वाली है।
