रूस से तेल खरीद पर MEA देगा जानकारी: पीयूष गोयल
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीद को लेकर स्थिति पर विदेश मंत्रालय (MEA) जानकारी देगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत रूस से तेल खरीद बंद करेगा—जैसा कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ हटाने से जुड़े व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है—तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “इस बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय देगा।”
व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी संघ से तेल आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है और अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति व्यक्त की है। साथ ही दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने के ढांचे पर भी सहमति बनाई है।
किसानों को मिलेगा पूरा संरक्षण
पीयूष गोयल ने भरोसा दिलाया कि इस अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क में भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल किसानों बल्कि भारतीय MSMEs (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों) के लिए भी बड़े फायदे लेकर आएगा।
उन्होंने बताया, “भारतीय किसानों के कृषि उत्पादों का अमेरिका में शून्य शुल्क (Zero Duty) पर निर्यात किया जाएगा। वहीं, अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में लाने के लिए कोई टैरिफ रियायत नहीं दी गई है।”
GM फूड पर सख्त रुख
मंत्री ने साफ किया कि इस समझौते के तहत जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के लिए कुछ चुनिंदा उत्पादों पर भारतीय बाजार खोला गया है, जिनमें डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (DDGS), वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। हालांकि, इन पर भी न्यूनतम आयात मूल्य (Minimum Import Price) तय किया गया है ताकि घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो।
उन्होंने दोहराया, “मैं बिना किसी हिचक के कह सकता हूं कि भारत के किसान, MSMEs, कारीगर और शिल्पकारों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। इसके उलट, अमेरिका के बाजार तक बेहतर पहुंच से भारत को लाभ ही होगा।”
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान में पुष्टि की है कि दोनों देश पारस्परिक और पारस्परिक लाभकारी व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं।
इस समझौते के तहत अमेरिका भारत से आने वाले कई उत्पादों—जैसे टेक्सटाइल और परिधान, लेदर व फुटवियर, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी—पर 18 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा।
हालांकि, अंतरिम समझौते के सफल निष्कर्ष के बाद अमेरिका जेनेरिक दवाइयों, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड्स और एयरक्राफ्ट पार्ट्स जैसे उत्पादों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ हटाएगा।
जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को राहत
5 फरवरी को समझौते की घोषणा के बाद जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन कीर्तिभाई भंसाली ने कहा कि यह डील ऐसे समय में आई है जब यह सेक्टर पिछले एक साल से ऊंचे टैरिफ के कारण दबाव में था। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए सबसे अहम बाजार है और इस समझौते से व्यापार में आई गिरावट को पलटने में मदद मिलेगी।
