14 देशों व समूहों से संतुलित व्यापार समझौतों पर बातचीत जारी: पीयूष गोयल
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत वर्तमान में 14 देशों या समूहों के साथ न्यायसंगत और संतुलित व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। इनमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), न्यूज़ीलैंड, इज़राइल, यूरेशिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और मर्कोसुर समूह सहित लगभग 50 देश शामिल हैं।
FICCI की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए गोयल ने बताया कि भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, यूके और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के साथ संतुलित और लाभकारी व्यापार समझौते कर चुका है।
मंत्री ने कहा कि हालिया भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों ने भरोसेमंद साझेदारों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरत को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की श्रृंखला का लक्ष्य निष्पक्षता, पारदर्शिता और पारस्परिक लाभ पर आधारित दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।
गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भरता भारत की सभ्यता में सदैव से निहित रही है। उन्होंने भगवद् गीता और महात्मा गांधी के स्वदेशी सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ने भारत की प्रगति को ऐतिहासिक रूप से दिशा दी है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प ने इस दृष्टि को और मजबूत किया है।
EFTA की भारत में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता
हाल ही में हुए EFTA समझौते का जिक्र करते हुए गोयल ने बताया कि यह समूह भारत में नवाचार और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग सहित अन्य क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और नवाचार की दृष्टि से भारत, यूरोप और अमेरिका की तुलना में अत्यधिक किफायती है।
मंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल स्वीकृति में तेजी और बड़े टैलेंट पूल के कारण देश नवाचार का वैश्विक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि STEM स्नातकों की बड़ी संख्या और व्यापक इंटरनेट पहुंच भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डीप-टेक नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में नेतृत्व की स्थिति देती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित 12 अरब डॉलर के अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड और स्टार्टअप व डीप-टेक उद्योगों को मिल रही सरकारी सहायता से नवाचार पारिस्थितिकी व्यवस्था और तेज होगी।
गोयल ने कहा कि वृद्ध होती आबादी वाले विकसित देशों के विपरीत, भारत का युवा वर्ग तेजी से उभरती तकनीकों को अपना रहा है। यह क्षमता भारत को वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अहम भूमिका निभाने योग्य बनाती है।
‘PESTLE’ मॉडल से भारत की ताकत का विवरण
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, कानूनी और पर्यावरणीय—सभी आयामों में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाया है।
- राजनीतिक: स्थिर और पारदर्शी सरकार ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
- आर्थिक: राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन और 25,000 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन जैसी पहलें भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं।
- सामाजिक: चार श्रम संहिताएं बेहतर वेतन और संरक्षण सुनिश्चित करती हैं।
- तकनीकी: सेमीकंडक्टर मिशन (76,000 करोड़ रुपये) और 7,000 करोड़ रुपये के स्थायी मैग्नेट कार्यक्रम जैसी नीतियां घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही हैं।
- कानूनी: ‘जन विश्वास 3.0’ जैसे सुधारों से व्यापार सुगमता में प्रगति हो रही है।
- ऊर्जा: ‘Atomic Energy Bill 2025’ के माध्यम से परमाणु क्षेत्र के विस्तार को नई दिशा मिली है।
मंत्री ने FICCI से आग्रह किया कि वह नवाचार को प्रोत्साहित करने, अनुसंधान को गहरा करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में योगदान देने के लिए मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाए।
