ODI क्रिकेट सबसे आसान फॉर्मेट है, शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को मिलता है ज्यादा फायदा: संजय मांजरेकर

ODI cricket is the easiest format, and top-order batsmen benefit the most: Sanjay Manjrekar
(Pic: Twitter/Sanjay Manjrekar)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने एक बार फिर अपने उस बयान पर कायम रहते हुए कहा है कि तीनों फॉर्मेट में वनडे क्रिकेट शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए सबसे आसान फॉर्मेट है। इससे पहले मांजरेकर ने कहा था कि उन्हें विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना दुखद लगा और उन्होंने आरोप लगाया था कि कोहली ने अपनी एक कमजोरी को दूर नहीं किया, जिसके चलते उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया।

हालिया बयान में मांजरेकर ने दोहराया कि वनडे क्रिकेट में टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को रन बनाना अपेक्षाकृत आसान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे बल्लेबाज हैं जो वनडे में तो शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करना चाहते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उसी भूमिका से बचते नजर आते हैं।

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में मांजरेकर ने कहा, “बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं क्यों कहता हूं कि वनडे क्रिकेट टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए आसान है। भारतीय क्रिकेट के कुछ साल पीछे जाकर देखिए। जो खिलाड़ी लंबे समय तक 50 ओवर क्रिकेट में ओपनिंग करते थे, वे टेस्ट क्रिकेट में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे। वे टेस्ट में टॉप तीन में बल्लेबाजी करने के इच्छुक नहीं थे और नंबर 4, 5 या 6 पर खेलना पसंद करते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जैसे ही वनडे क्रिकेट आता था, वही खिलाड़ी टॉप तीन में बल्लेबाजी करने के लिए लगभग उतावले हो जाते थे। इससे साफ पता चलता है कि टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना क्यों आसान माना जाता है। वनडे में ओपनिंग करने या नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआत में चार स्लिप और गली नहीं होती। गेंदबाज रन रोकने पर ज्यादा ध्यान देता है, विकेट लेने पर नहीं।”

मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी ज्यादा चुनौतीपूर्ण

मांजरेकर ने कहा कि यदि कोई बल्लेबाज शुरुआती 10–15 ओवर संभाल ले, तो उसके बाद मैदान फैल जाता है और स्ट्राइक रोटेट करते हुए शतक तक पहुंचना आसान हो जाता है।

उन्होंने कहा, “वनडे क्रिकेट में सबसे कठिन जगह नंबर 4, 5 और 6 पर बल्लेबाजी करना है, जहां युवराज सिंह, सुरेश रैना और एमएस धोनी जैसे खिलाड़ी खेलते थे। इन पोजीशंस पर बल्लेबाजी करना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।”

मांजरेकर ने एमएस धोनी और युवराज सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए भी वनडे क्रिकेट में ढेर सारे रन बनाए।

अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए मांजरेकर ने कहा कि अगर किसी बल्लेबाज की महानता को परखना हो, तो केवल वनडे क्रिकेट को आधार नहीं बनाना चाहिए, खासकर टॉप तीन में बल्लेबाजी करने वालों के मामले में।

उन्होंने कहा, “अगर आप एक महान बल्लेबाज ढूंढ रहे हैं, तो वह आपको वनडे क्रिकेट में, खासकर नंबर एक, दो और तीन पर बल्लेबाजी करते हुए नहीं मिलेगा। आज के दौर में बल्लेबाजी की महानता देखने के लिए वनडे क्रिकेट आखिरी जगह है, क्योंकि टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के पक्ष में बहुत कुछ होता है।”

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