‘गोली मारने’ की बात पर पूर्व आईपीएस अधिकारी से बजरंग पुनिया ने कहा, ‘बता दो कहां आना है’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पहलवान बजरंग पुनिया और केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एनसी अस्थाना के बीच सोमवार को ऑनलाइन तीखी नोक-झोंक हुई, जिसके बाद अस्थाना ने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस प्रदर्शनकारी पहलवानों पर गोलियां चलायेगी।
अस्थाना के ट्वीट का जवाब देते हुए भारत के प्रमुख पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि वह अपने सीने में गोली खाने के लिए तैयार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को उद्घाटन किए गए नए संसद भवन से बमुश्किल तीन किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शनकारी पहलवानों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारी पहलवान नए संसद भवन तक मार्च करना चाह रहे थे जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद बजरंग, साक्षी, विनेश फोगट सहित कई पहलवानों को डिटेन किया गया।
पहलवानों और अन्य प्रदर्शनकारियों को बसों में धकेल कर अलग-अलग स्थानों पर ले जाने के तुरंत बाद, पुलिस कर्मियों ने पहलवानों के अन्य सामानों के साथ चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल की छत को हटाकर विरोध स्थल को साफ करना शुरू कर दिया।
बाद में रविवार रात पूर्व आईपीएस अफसर अस्थाना ने एक न्यूज रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए हिंदी में लिखा, ‘ज़रूरत हुई तो गोली भी मारेंगे। मगर, तुम्हारे कहने से नहीं। अभी तो सिर्फ कचरे के बोरे की तरह घसीट कर फेंका है। दफ़ा 129 में पुलिस को गोली मारने का अधिकार है। उचित परिस्थितियों में वो हसरत भी पूरी होगी। मगर वह जानने के लिये पढ़ालिखा होना आवश्यक है। फिर मिलेंगे पोस्टमाॅर्टम टेबल पर!”
एक अन्य ट्वीट में पूर्व डीजीपी ने कहा, ‘कुछ मूर्ख पुलिस के गोली मारने के अधिकार पर संदेह करते हैं. अगर आप अंग्रेजी पढ़ सकते हैं तो अखिलेश प्रसाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़िए. वे अनपढ़ जो पढ़ नहीं सकते, इस अधिकार की परीक्षा न लेने में ही भलाई है। पत्नियाँ विधवा होंगी और बच्चे अकारण अनाथ! सेहतमंद रहें।”
भारत के शीर्ष पहलवानों में से एक बजरंग ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अस्थाना की ट्वीट का जबाव दिया।
“यह आईपीएस अधिकारी हमें गोली मारने की बात कर रहा है। भाई, मैं यहाँ सामने खड़ा हूँ। बोलो गोली के लिए कहां आऊं… कसम है पीठ नहीं दिखाऊंगा, तेरी गोली सीने पर लूंगा. यही तो रह गया, अब यही हमसे करना ठीक है,” पुनिया ने हिंदी में ट्वीट किया।
अस्थाना के ट्वीट का शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने जमकर आलोचना की।
“पूर्व आईपीएस अधिकारी, अब एक पूर्णकालिक अभद्र व्यक्ति। इतनी नेक सेवाओं के लिए हमारे देश का प्रशिक्षण कहाँ और कब गलत हो गया?” चतुर्वेदी ने ट्वीट किया।
पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक और पुनिया सहित अन्य प्रदर्शनकारियों पर दंगा करने और सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई के बाद लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 700 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जंतर मंतर पर तीन पहलवानों सहित 109 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। देर शाम महिलाओं को रिहा कर दिया गया।
