पवन सिंह की पूर्व गर्लफ्रेंड अक्षरा सिंह ने किया उनकी पत्नी ज्योति सिंह की एलिमनी की मांग का समर्थन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों एक्टर-सिंगर पवन सिंह और उनकी अलग रह रहीं पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह अब ज्योति सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आई हैं।
अक्षरा सिंह, जो कभी पवन सिंह के साथ रिश्ते में रह चुकी हैं, ने ज्योति सिंह की एलिमनी (भरण-पोषण) की मांग को पूरी तरह जायज़ ठहराया है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद महिला अपने जीवन का बड़ा हिस्सा पति और उसके परिवार के साथ जोड़ देती है, इसलिए अलगाव की स्थिति में उसे आर्थिक सुरक्षा मिलना उसका अधिकार है।
अक्षरा ने कहा, “जब कोई लड़की शादी करती है और अपना घर छोड़कर किसी और के साथ जाती है, तो उसकी ज़िम्मेदारी भी बनती है। एलिमनी लेना उसका अधिकार है और उसे पूरी तरह मिलना चाहिए। चाहे वह 10 करोड़ रुपये मांगे, 20 करोड़ या 100 करोड़ — उसकी ज़िंदगी और सुरक्षा के सामने कोई भी रकम कम पड़ सकती है।”
ज्योति सिंह की याचिका में क्या है?
पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने चल रहे वैवाहिक मुकदमे के तहत अदालत में आधिकारिक तौर पर अंतरिम और स्थायी भरण-पोषण की मांग की है। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि भारतीय वैवाहिक कानूनों के तहत वह मेंटेनेंस की हकदार हैं।
उन्होंने दलील दी है कि पति-पत्नी की आय, सामाजिक स्थिति और कमाई की क्षमता में बड़ा अंतर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में ज्योति सिंह ने कहा है कि उनके पास अपने पति जैसी जीवनशैली बनाए रखने के लिए कोई स्वतंत्र आय का स्रोत नहीं है।
ज्योति ने वैवाहिक जीवन में अनबन, मानसिक पीड़ा और परित्याग के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी ऐसे हालात में टूटी जो उनके नियंत्रण से बाहर थे।
पवन सिंह ने दी चुनौती
वहीं, पवन सिंह ने इन आरोपों और आर्थिक दावों को अदालत में चुनौती दी है और अपने पक्ष में कानूनी राहत की मांग की है। इस मामले में अब तक कई सुनवाई हो चुकी हैं, जिनमें अदालत ने दोनों पक्षों की आय, संपत्ति, देनदारियों और विवाह से जुड़े दस्तावेजों की जांच की है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एलिमनी का अंतिम निर्णय अदालत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दोनों पक्षों की आय और वित्तीय स्थिति के न्यायिक मूल्यांकन के आधार पर लिया जाएगा।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और एलिमनी को लेकर अभी तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ है।
