ऑपरेशन सिंदूर में सीमा क्षेत्र के लोगों ने दिया पूरा साथ, राष्ट्रीय सुरक्षा हर नागरिक की ज़िम्मेदारी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने भारतीय सशस्त्र बलों को पूरा सहयोग दिया, जो यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार या सेना की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
राजनाथ सिंह जोधपुर में डिफेंस एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि देश के नागरिक, विशेषकर युवा वर्ग, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक और समर्पित रहे, तो भारत किसी भी कठिनाई का सामना कर सकता है और और भी मजबूत बन सकता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पहल्गाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने साहस और रणनीति के साथ काम करते हुए अपने लक्ष्य को सटीकता से हासिल किया। उन्होंने युवाओं द्वारा दिखाए गए जज़्बे और प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
यह ऑपरेशन पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 26 निर्दोष और निहत्थे पर्यटकों की धर्म पूछकर की गई हत्या के बाद शुरू किया गया था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय बलों ने 9 बड़े आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत जाति और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों ने लोगों को उनके ‘धर्म’ के आधार पर मारा, लेकिन भारतीय सेना ने आतंकियों को उनके ‘कर्म’ के आधार पर खत्म किया। यही है नए भारत की पहचान।”
डिफेंस और स्पोर्ट्स एकेडमी के महत्व को रेखांकित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा, शिक्षा और खेल का मेल एक सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
“शिक्षा ज्ञान देती है, रक्षा सुरक्षा देती है। अनुशासन, धैर्य, दृढ़ता और साहस जैसी विशेषताएँ एक सैनिक और एक खिलाड़ी दोनों के लिए जरूरी होती हैं। ऐसे छात्र, जो इन तीनों क्षेत्रों का संगम हों, वे देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।”
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ऐसा भारत बनाएं, जो ज्ञान, संस्कृति और शक्ति के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी हो।
रक्षा मंत्री ने राजस्थान के सैनिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह भूमि वीरों की है, लेकिन उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान से जवान तो बड़ी संख्या में हैं, लेकिन अधिकारी कम संख्या में बन रहे हैं।
उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे अधिकारी बनकर सेना में शामिल हों और देश की सुरक्षा को और मजबूत करें।
