प्रारम्भिक जांच में लाल क़िला के बाहर कार ब्लास्ट में आतंकी साज़िश के संकेत

Preliminary investigations indicate a terrorist plot in the car blast outside the Red Fort.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुई कार विस्फोट की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह एक आतंकी हमला हो सकता है। जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि घटना में इस्तेमाल हुई ह्युंडई i20 कार विस्फोटकों से भरी हुई थी और उसे जानबूझकर उड़ाया गया।

इस धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि यह एक आत्मघाती हमला (Suicide Attack) था और इसका संबंध फरीदाबाद मॉड्यूल से हो सकता है, जिसे हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ध्वस्त किया था।

उच्च गुणवत्ता वाले विस्फोटक का इस्तेमाल

फॉरेंसिक टीमों ने मौके पर पाया कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट और RDX जैसे शक्तिशाली विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कार की मालिकाना हक़ कई बार बदला गया था — यह आतंकियों द्वारा SVB-IED (Suicide Vehicle-Borne Improvised Explosive Device) हमलों में अपनाया जाने वाला आम तरीका है।

जांच में सामने आया है कि कार पुलवामा निवासी तारिक नामक व्यक्ति ने खरीदी थी। पुलिस के अनुसार, उसका फरीदाबाद मॉड्यूल से संबंध हो सकता है। कार का मालिकाना हक़ पहले मोहम्मद सलमान के पास था, जिसने इसे नदीम को बेचा। बाद में कार फरीदाबाद के एक डीलर के पास पहुंची और अंततः तारिक ने इसे खरीदा। माना जा रहा है कि कार अंततः डॉ. उमर मोहम्मद के पास पहुंची थी, जो कथित तौर पर विस्फोट के समय कार में मौजूद था।

पुलिस के अनुसार, कार में विस्फोट शाम 6:52 बजे हुआ। धमाके के बाद आसपास खड़ी कई गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। जांच में सामने आया है कि कार करीब तीन घंटे तक लाल क़िला के पास पार्क रही थी, जिसके बाद उसे भारी ट्रैफिक के दौरान चलाया गया — ताकि अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके।

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट पार्किंग के दौरान होना था या फरीदाबाद मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद जल्दबाज़ी में हमला किया गया।

डॉ. उमर मोहम्मद पर शक

पुलिस को शक है कि डॉ. उमर मोहम्मद, जो फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा था, हमले के समय कार में मौजूद था। उसकी पहचान के लिए डीएनए परीक्षण किया जा रहा है। मोहम्मद पर आतंकी फंडिंग और हथियारों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद मॉड्यूल का संचालन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर ग़ज़वतुल हिंद (AGH) द्वारा किया जा रहा था, जो अल-कायदा से जुड़ा संगठन है। हाल में गिरफ्तार डॉ. मुझम्मिल शकील के पास से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किए गए थे।

देशभर में धमाकों की साजिश

जांच एजेंसियों का कहना है कि फरीदाबाद मॉड्यूल ने देशभर में सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाई थी। लाल क़िला के बाहर हुआ यह विस्फोट उसी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसे मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद जल्दबाज़ी में अंजाम दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सभी कोणों से जांच जारी है, परंतु अब तक के सभी सबूत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह एक आतंकी (फिदायीन) हमला था।

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