प्रधानमंत्री मोदी ने विभाजन वीभिषिका स्मृति दिवस पर एकता और सौहार्द की अहमियत दोहराई, अमित शाह ने कांग्रेस पर किया तीखा प्रहार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत के विभाजन से प्रभावित असंख्य लोगों की पीड़ा को याद करते हुए देश में एकता और सौहार्द के बंधन को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत विभाजन वीभत्सता स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि यह दिन इतिहास के उस दुखद अध्याय में झेली गई अपार पीड़ा और व्यथा को याद करने का है।
उन्होंने कहा कि यह दिन उन लोगों की हिम्मत और संघर्ष का भी सम्मान करता है, जिन्होंने अपार नुकसान के बावजूद फिर से जीवन को सँवारा और बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।
प्रधान मंत्री ने कहा कि यह दिन हमें एक-दूसरे के साथ सौहार्द और एकता के बंधन को और मजबूत करने की निरंतर जिम्मेदारी की याद दिलाता है। इसी दिन गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया और कहा कि कांग्रेस ने देश को टुकड़ों में बांट कर मातृभूमि की गरिमा को चोट पहुँचाई। उ
न्होंने कहा कि विभाजन ने हिंसा, शोषण और अत्याचार को जन्म दिया, जिससे करोड़ों लोग विस्थापित हुए। अमित शाह ने उन सभी पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश कभी भी इस दर्दनाक इतिहास और विभाजन की पीड़ा को नहीं भूल सकता।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि 14 अगस्त भारतीय इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक त्रासदी है। उन्होंने कहा कि इस दिन संकीर्ण धार्मिक उन्माद और नफरत की नीतियों ने मातृभूमि को विभाजित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप दंगे, निर्दोषों की हत्या और मानवता का बड़ा कष्ट हुआ। योगी ने इस अवसर पर उन अनगिनत विस्थापितों, शहीदों और नामहीन पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और प्रतिज्ञा की कि कोई भी पीढ़ी उस दर्द को दोबारा नहीं झेलेगी। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें विभाजन की वीभत्सता को दर्शाया गया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि विभाजन ने अपार कष्ट दिए और इसके दूरगामी मानविक तथा सामरिक परिणाम हुए। उन्होंने कहा कि विभाजन की इस दुखद घटना को याद करते हुए हमें उससे मिलने वाले कई महत्वपूर्ण सबक सीखने चाहिए।
देश की स्वतंत्रता की खुशियों से पहले हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन वीभिषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में इसे घोषित किया था ताकि उन सभी लोगों को याद किया जा सके जिन्होंने भारत के विभाजन के कारण अपना जीवन खोया और अपनी जड़ों से उजड़ गए। यह दिन उस समय के संघर्ष, बलिदान और अपार कष्टों की याद दिलाता है जब लाखों लोगों का सबसे बड़ा मानव इतिहास में स्थानांतरण हुआ, जिसके दौरान साम्प्रदायिक हिंसा और अनेक त्रासदियां सामने आईं।
विभाजन वीभिषिका स्मृति दिवस भारत के विभाजन के दर्दनाक घटनाक्रमों को याद करने और पीड़ितों की स्मृति को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सरकारी पहल, सामुदायिक आयोजन और वैश्विक स्तर पर इसके आयोजन से यह सुनिश्चित किया जाता है कि विभाजन के सबक याद रखे जाएं और उनसे सीख ली जाए। भारत और पाकिस्तान जब अपने साझा इतिहास पर विचार करते हैं, तब यह दिवस सहानुभूति, मेल-मिलाप और उपमहाद्वीप की साझा स्मृति के प्रति सम्मान की आवश्यकता का सशक्त संदेश देता है।