राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं: गुजरात में गृह मंत्री अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला

चिरौरी न्यूज
अहमदाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर खेती और ट्रेड एग्रीमेंट के मुद्दे पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया। उन्होंने भारत–इयू और भारत–यूएस ट्रेड डील को लेकर सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती भी दी।
गुजरात में देश के पहले सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के उद्घाटन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों ट्रेड समझौतों में किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की है।
उन्होंने कहा, “मैं किसानों से कहना चाहता हूं कि राहुल गांधी उनसे झूठ बोल रहे हैं। मोदीजी ने EU और US दोनों ट्रेड डील में किसानों को बचाया। यह डेयरी की जमीन है और इसके बारे में गलत जानकारी दी जा रही है।”
MSP और किसान बजट पर दावा
शाह ने पूर्ववर्ती भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि UPA के 10 साल के कार्यकाल में किसानों से सीमित मात्रा में अनाज खरीदा गया, जबकि मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 15 गुना अधिक खरीद की।
उन्होंने दावा किया कि UPA सरकार के समय किसानों का बजट 26,000 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1,29,000 करोड़ रुपये किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस ने एक बार कर्जमाफी का “लालच” दिया, वहीं मोदी सरकार ने हर साल किसानों के बैंक खातों में 6,000 रुपये ट्रांसफर कर स्थायी सहायता प्रणाली लागू की।
बहस की खुली चुनौती
हमला तेज करते हुए शाह ने कहा कि राहुल गांधी किसी भी मंच का चयन करें, भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष उनके साथ खुली चर्चा के लिए तैयार है। “देश की जनता तय करेगी कि किसानों को नुकसान किसने पहुंचाया,” उन्होंने कहा।
शाह ने 1991 के डंकल ड्राफ्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। डंकल ड्राफ्ट उरुग्वे राउंड की वैश्विक व्यापार वार्ताओं के दौरान तैयार एक प्रस्ताव था, जिसने आगे चलकर 1995 में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के गठन का आधार तैयार किया।
राहुल गांधी के आरोप
वहीं राहुल गांधी ने भारत–US अंतरिम ट्रेड समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है और विदेशी कंपनियों को कृषि क्षेत्र में बढ़त मिल सकती है। उन्होंने सूखे डिस्टिलर अनाज और जेनेटिकली मॉडिफाइड सोया तेल जैसे आयात पर चिंता व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर उन्होंने आरोप लगाया कि “US ट्रेड डील के नाम पर भारतीय किसानों के साथ धोखा हो रहा है।”
डिजिटल इंडिया और CBDC मॉडल
राजनीतिक बयानबाजी के बीच शाह ने डिजिटल गवर्नेंस को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले डिजिटल इंडिया की कल्पना भी कठिन थी, जबकि आज भारत में दुनिया के लगभग आधे डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं।
CBDC आधारित PDS प्रणाली को “लीक-प्रूफ” बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार वर्षों में इस मॉडल को देश के सभी राज्यों में लागू करने की योजना है।
सभा में शाह ने दोहराया कि मोदी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए “चट्टान की तरह” खड़ी है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र से समझौता नहीं किया जाएगा।
