रॉबिन उथप्पा ने कोहली-रोहित के टेस्ट रिटायरमेंट पर उठाए सवाल, ‘यह स्वाभाविक अंत नहीं लगा’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। उथप्पा का मानना है कि इस साल की शुरुआत में दोनों दिग्गजों का रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहना उनके करियर का “स्वाभाविक” अंत नहीं लगा।
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उथप्पा ने रिटायरमेंट के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस फैसले के पीछे की पूरी सच्चाई तभी सामने आ सकती है, जब खुद कोहली और रोहित इस पर खुलकर बात करेंगे।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह जबरदस्ती का सरेंडर था या नहीं, लेकिन यह निश्चित रूप से एक स्वाभाविक रिटायरमेंट नहीं लगा। सच क्या है, यह उन्हें अपने समय पर बताना होगा।”
उथप्पा ने रोहित शर्मा के फॉर्म को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रन न बना पाने के बावजूद उन्हें रोहित की क्षमता पर कोई शक नहीं था। “अगर वह छह महीने का ब्रेक लेकर अपनी फिटनेस पर काम करते, तो मुझे पूरा भरोसा था कि वह फिर से रन बनाते,” उथप्पा ने कहा।
गौरतलब है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा ने मई महीने में कुछ ही दिनों के अंतराल पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। इससे भारत को इस फॉर्मेट में अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों की कमी का सामना करना पड़ा। रोहित का फैसला ऐसे समय आया, जब खबरें थीं कि इंग्लैंड दौरे से पहले बीसीसीआई चयनकर्ता उन्हें टेस्ट कप्तानी से हटाने पर विचार कर रहे थे।
वहीं विराट कोहली का संन्यास ज्यादा चौंकाने वाला माना गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई ने उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की कोशिश भी की थी। दिल्ली टीम के कोच सरनदीप सिंह ने भी संकेत दिया था कि कोहली इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तैयारी और प्रेरणा के साथ ट्रेनिंग कर रहे थे।
फिलहाल, दोनों खिलाड़ी वनडे क्रिकेट पर पूरा फोकस कर रहे हैं और शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी में भी शतक जड़े। 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए, ऐसा लगता है कि कोहली और रोहित अपनी व्हाइट-बॉल करियर को लंबा खींचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, हालांकि उनके टेस्ट रिटायरमेंट के समय और कारणों को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं।
