आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने भाजपा पर “अहंकारी” और विपक्षी दलों पर “राम विरोधी” होने का लगाया आरोप

चिरौरी न्यूज
जयपुर: लोकसभा चुनाव के नतीजों पर तीखी टिप्पणी करते हुए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने गुरुवार को सत्तारूढ़ भाजपा पर “अहंकार” और विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक पर “राम विरोधी” होने का आरोप लगाया।
जयपुर के पास कनोटा में ‘रामरथ अयोध्या यात्रा दर्शन पूजन समारोह’ में बोलते हुए आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य ने प्रतिद्वंद्वियों का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा कि चुनाव के नतीजे उनके रवैये को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, “जिस पार्टी ने भक्ति की, लेकिन अहंकारी हो गई, उसे 241 पर रोक दिया गया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया गया।”
उनका इशारा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की ओर था, जिसे लोकसभा में 240 सीटें मिली हैं। उन्होंने कहा, “और जिन लोगों की राम में आस्था नहीं थी, वे सब मिलकर 234 पर रुक गए।”
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में रामराज्य का विधान देखिए, जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन धीरे-धीरे अहंकारी हो गए, वह पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन जो वोट और सत्ता मिलनी चाहिए थी, वह उनके अहंकार के कारण भगवान ने रोक दी।”
उन्होंने कहा, “जो लोग राम का विरोध करते थे, उनमें से किसी को भी सत्ता नहीं दी गई। यहां तक कि सभी को मिलाकर नंबर दो बना दिया गया। भगवान का न्याय सच्चा और आनंददायक है।” उन्होंने कहा, “जो लोग राम की पूजा करते हैं, उन्हें विनम्र होना चाहिए और जो लोग राम का विरोध करते हैं, भगवान स्वयं उनसे निपटते हैं।”
उन्होंने कहा कि भगवान राम भेदभाव नहीं करते और दंड नहीं देते। उन्होंने कहा, “राम किसी को दुखी नहीं करते। राम सभी को न्याय देते हैं। वे देते हैं और देते रहेंगे। भगवान राम हमेशा न्यायी थे और रहेंगे।”
कुमार ने यह भी कहा कि भगवान राम ने लोगों की रक्षा की और रावण का भी भला किया। यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि एक सच्चे ‘सेवक’ में अहंकार नहीं होता और वह ‘गरिमा’ बनाए रखते हुए लोगों की सेवा करता है।