संजय कपूर वसीयत विवाद में करिश्मा कपूर के बच्चे कर सकते हैं प्रिया कपूर पर जालसाजी का केस: सूत्र
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली:उद्योगपति संजय कपूर की वसीयत को लेकर चल रहा मामला अब और गंभीर हो गया है। करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर ने अदालत से अपने पिता की दूसरी पत्नी प्रिया कपूर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों ने चिरौरी न्यूज़ को बताया कि बच्चों ने दिल्ली हाई कोर्ट में पेश की गई वसीयत के “डिजिटल ट्रेल” में कई गंभीर खामियों की ओर भी इशारा किया है।
सूत्रों के अनुसार, बच्चों ने ने अदालत से भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 को प्रिया कपूर के खिलाफ लागू करने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रिया कपूर ने ऐसी वसीयत गढ़ी है, जिसमें उन्हें उनकी विरासत से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। यदि इन धाराओं में दोष सिद्ध होता है, तो यह मामला दीवानी बंटवारे के मुकदमे से आपराधिक केस में बदल सकता है और दोषी पाए जाने पर प्रिया कपूर को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
अदालत में दी गई दलीलों में उन्होंने कहा कि 21 मार्च को, जिस दिन वसीयत पर हस्ताक्षर होने का दावा किया जा रहा है, उस दिन संजय कपूर और प्रिया कपूर गुरुग्राम में नहीं थे। दोनों दिल्ली में मौजूद थे। वहीं, करिश्मा कपूर उस दौरान व्हाट्सऐप के जरिए संजय कपूर के संपर्क में थीं और बच्चों के लिए पुर्तगाली नागरिकता पर चर्चा कर रही थीं।
प्रिया कपूर ने अदालत को बताया है कि वसीयत पहले 10 फरवरी 2025 को तैयार की गई थी, फिर 17 मार्च को उसमें संशोधन किया गया और 21 मार्च को एआईपीएल के गुरुग्राम कार्यालय में दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा की मौजूदगी में संजय कपूर ने उस पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, समायरा और कियान का दावा है कि 17 मार्च को संजय कपूर अपने बेटे कियान के साथ गोवा में छुट्टियां मना रहे थे और उसी शाम दिल्ली लौटे थे, क्योंकि उनकी मां रानी कपूर को गिरने के कारण चोट लगी थी।
चिरौरी न्यूज को मिली विशेष जानकारी के मुताबिक, वसीयत के गवाहों दिनेश कुमार अग्रवाल और नितिन शर्मा के बयानों में भी यह स्पष्ट नहीं है कि वसीयत गुरुग्राम में ही निष्पादित की गई थी। बच्चों ने अदालत में कहा है कि गवाहों द्वारा स्थान का उल्लेख न किया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि कथित वसीयत न तो गुरुग्राम में बनाई गई और न ही उस दिन संजय कपूर या प्रिया कपूर वहां मौजूद थे, जिससे यह वसीयत स्पष्ट रूप से जाली प्रतीत होती है।
दोनों बच्चों ने अदालत से यह भी अपील की है कि प्रिया कपूर, संजय कपूर, दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के मोबाइल फोन जब्त किए जाएं। उनका आरोप है कि न केवल वसीयत को जाली तरीके से तैयार किया गया, बल्कि एक “फर्जी डिजिटल ट्रेल” भी बनाया गया है।
डिजिटल ट्रेल में खामियों की ओर इशारा करते हुए बच्चों ने कहा कि इसमें संजय कपूर की कोई स्पष्ट डिजिटल उपस्थिति नहीं दिखाई देती। सूत्रों के अनुसार, प्रिया कपूर ने अपनी लिखित दलीलों में यह तो कहा है कि वसीयत 10 फरवरी 2025 को तैयार की गई थी, लेकिन यह नहीं बताया कि इसे किसने तैयार किया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि 17 मार्च को वसीयत में नितिन शर्मा के डिवाइस पर संशोधन किया गया था, जबकि उसी समय संजय कपूर गोवा से दिल्ली लौट रहे थे।
मामले की अगली सुनवाई में अदालत इन आरोपों और सबूतों पर विचार करेगी। यह विवाद अब केवल संपत्ति बंटवारे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़े आपराधिक मुकदमे का रूप लेता नजर आ रहा है।
