शशि थरूर ने की तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का सीनियर टीम में फास्ट-ट्रैक एंट्री की वकालत
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक शतकीय पारी ने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 14 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज़ के प्रदर्शन से प्रभावित होकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन्हें भारतीय सीनियर टीम में जल्द मौका देने की पैरवी की है। थरूर ने वैभव की तुलना महान सचिन तेंदुलकर से करते हुए उन्हें “जेनरेशन टैलेंट” बताया।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को ऊंचे स्तर पर जल्द मौका मिलना चाहिए। पिछली बार जब 14 साल का कोई प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ इस तरह चमका था, उसका नाम सचिन तेंदुलकर था। और हमने उन्हें ज्यादा इंतज़ार नहीं कराया।”
फाइनल में वैभव का ऐतिहासिक प्रदर्शन
हरारे में खेले गए अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने दबाव भरी परिस्थितियों में असाधारण बल्लेबाज़ी का नमूना पेश किया। इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों के शुरुआती आक्रमण को संभालने के बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाज़ों पर आक्रामक रुख अपनाया।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने महज़ 55 गेंदों में शतक पूरा किया और 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल का रिकॉर्ड स्कोर 411 रन खड़ा किया, जिसे आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम ने सफलतापूर्वक डिफेंड किया।
सचिन तेंदुलकर से तुलना क्यों?
सचिन तेंदुलकर को भी 16 साल की उम्र में 1989 के पाकिस्तान दौरे पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था। मुंबई के स्कूल और क्लब क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन और रणजी ट्रॉफी में निरंतरता ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया था। वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे गेंदबाज़ों के सामने डेब्यू करते हुए सचिन ने जो धैर्य और तकनीक दिखाई, वही उन्हें खास बनाती है।
शशि थरूर का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में भी वही निडरता और परिपक्वता झलकती है, जो उन्हें जल्द बड़े मंच के लिए तैयार बनाती है।
अंडर-19 चैंपियंस का भव्य स्वागत
विश्व कप जीतकर स्वदेश लौटने पर अंडर-19 टीम का जोरदार स्वागत किया गया। कप्तान आयुष म्हात्रे, हेनिल पटेल और वैभव सूर्यवंशी अपने-अपने शहरों में नायकों की तरह सम्मानित किए गए।
बीसीसीआई ने टीम को 7.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने की घोषणा की। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के प्रदर्शन की जमकर सराहना करते हुए कहा,
“पूरा देश और बीसीसीआई हमारी अंडर-19 टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर गर्व महसूस कर रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जीत और पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहना बेहद सराहनीय है।”
यह जीत भारत की अंडर-19 विश्व कप इतिहास में छठी ट्रॉफी है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित और बेहद उज्ज्वल हाथों में है।
