कांग्रेस से नाराज़ शशि थरूर, राहुल गांधी के कोच्चि दौरे में ‘उपेक्षा’ से खफा

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली/कोच्चि: कांग्रेस सांसद शशि थरूर पार्टी नेतृत्व से नाराज़ बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के हालिया कोच्चि दौरे के दौरान उन्हें ‘उचित सम्मान’ न मिलने से थरूर असंतुष्ट हैं। सूत्रों ने बताया कि इसी वजह से थरूर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक से अनुपस्थित रहे।
केरल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे तय है। हालांकि, तिरुवनंतपुरम से चार बार सांसद रह चुके शशि थरूर इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं।
राजनयिक रह चुके थरूर हाल के महीनों में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ तनावपूर्ण संबंधों को लेकर चर्चा में रहे हैं। खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार से जुड़े कुछ मुद्दों पर उनके बयान कांग्रेस नेतृत्व को असहज करते रहे हैं। इनमें 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर की गई टिप्पणियां शामिल हैं।
गुरुवार को यह तनाव एक बार फिर सार्वजनिक हुआ जब थरूर ने पूर्व भाजपा सांसद और मौजूदा भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने गंभीर के काम की सराहना करते हुए लिखा कि वे “भारत में दूसरा सबसे कठिन काम कर रहे हैं, पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है।”
इस पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए थरूर के बयान को कांग्रेस और विपक्ष पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जैसे क्रिकेट प्रशंसक कोच गंभीर के फैसलों पर सवाल उठाते हैं, वैसे ही विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के हर फैसले पर सवाल खड़ा करता है और कई बार ‘राष्ट्रीय हितों’ के खिलाफ भी जाता है।
पूनावाला ने यह भी दावा किया कि थरूर के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ “एक और फतवा” जारी हो सकता है। भाजपा लगातार कांग्रेस और शशि थरूर के बीच चल रही इस खींचतान को मुद्दा बनाकर पार्टी पर हमला करती रही है।
कुल मिलाकर, शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी के संकेत एक बार फिर सामने आए हैं, जिससे केरल की राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है।
