शेखर कपूर ने IFFI में सीमा बिस्वास से मुलाकात को बताया भावुक अनुभव, “बैंडिट क्वीन की आग आज भी भीतर जलती है”
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: फिल्ममेकर शेखर कपूर गोवा में आयोजित 56वें इंडियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFI) में सालों बाद अपनी प्रतिष्ठित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ की मुख्य अभिनेत्री सीमा बिस्वास से मिले। यह मुलाकात केवल भावुक ही नहीं, बल्कि उनके लिए एक गहरे सिनेमाई अनुभव की यादों को भी जीवंत कर गई।
शेखर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बैंडिट क्वीन शायद अब तक की सबसे इंटेंस फिल्म है जो मैंने बनाई है… या कभी बना पाऊंगा। शूटिंग के दौरान एक्टर्स और मैंने इसकी इंटेंसिटी को भीतर तक महसूस किया था।”
उन्होंने आगे कहा कि इतने समय बाद सीमा को देखकर खुशी तो हुई, लेकिन वही पुरानी तीखी यादें फिर ताज़ा हो गईं। “अजीब बात है कि वह इंटेंसिटी आज भी मेरे अंदर जलती है। मैं सिर्फ़ कल्पना कर सकता हूँ कि सीमा ने उस रोल को इतनी ताक़त के साथ निभाने के लिए क्या-क्या झेला होगा।”
शेखर ने स्वीकार किया कि ‘बैंडिट क्वीन’ की यादों में आज भी ट्रॉमा मौजूद है, इसलिए सीमा के साथ सहज होना आसान नहीं था। “मुझे सहज महसूस कराने की कोशिश सीमा ने ही की… मैं अभी भी उस फिल्म की खुशबू, दर्द और बोझ को महसूस कर सकता हूँ।”
जब लोगों द्वारा पूछे जाने पर कि वह ‘बैंडिट क्वीन’ जैसी फिल्म दोबारा कब बनाएँगे, शेखर का सीधा जवाब था—“कभी नहीं, मुझे उम्मीद है।”
उन्होंने कहा, “मैं जो भी फिल्म बनाता हूँ, उसमें खुद को पूरी तरह पिघला देता हूँ—मैं कहानी बन जाता हूँ, किरदार बन जाता हूँ, और पूरी फिल्म मेरी आत्मा का हिस्सा बन जाती है।”
अपने पोस्ट के अंत में शेखर ने हल्के-फुलके अंदाज़ में लिखा, “किसने कहा कि फिल्म बनाना आसान है? शायद मुझे चार्टर्ड अकाउंटेंट ही रहना चाहिए था।”
