न्यूजीलैंड के खिलाफ शिवम दुबे का तूफानी अर्धशतक, रनआउट से खत्म हुई शानदार पारी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने बुधवार, 28 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए इतिहास रच दिया। दुबे ने महज़ 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज़ टी20I अर्धशतक जड़ दिया। हालांकि उनकी यह यादगार पारी एक दुर्भाग्यपूर्ण रनआउट के साथ समाप्त हुई।
जब दुबे बल्लेबाज़ी के लिए उतरे, तब भारत मुश्किल हालात में था। टीम पहले ही अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे अहम विकेट गंवा चुकी थी। ऊपर से ईशान किशन के हल्की चोट के कारण बाहर होने से भारत एक बल्लेबाज़ कम के साथ खेल रहा था। ऐसे दबाव भरे माहौल में दुबे ने मोर्चा संभाला और आते ही छक्का लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए।
दुबे की पारी का टर्निंग पॉइंट 12वां ओवर रहा, जब उन्होंने न्यूजीलैंड के लेग स्पिनर ईश सोढ़ी पर जमकर हमला बोला। इस ओवर में दुबे ने तीन छक्के और दो चौके जड़ते हुए कुल 29 रन बटोरे और भारत को मुकाबले में बनाए रखा। उन्होंने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा और इस दौरान किस्मत ने भी उनका साथ दिया। डफी की एक गेंद पर वह एलबीडब्ल्यू दिए गए, लेकिन रिव्यू लेने पर फैसला उनके पक्ष में चला गया।
इसके बाद दुबे ने लगातार आक्रामक शॉट्स लगाए और तेजी से रन बटोरते रहे। उन्होंने अपना अर्धशतक 15 गेंदों में पूरा किया और अभिषेक शर्मा के 14 गेंदों में बने रिकॉर्ड से सिर्फ एक गेंद पीछे रह गए।
हालांकि, जब लग रहा था कि दुबे भारत को जीत की ओर ले जाएंगे, तभी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। नॉन-स्ट्राइकर एंड पर वह रनआउट हो गए। हर्षित राणा ने ग्राउंड के नीचे शॉट खेलने की कोशिश की, गेंद मैट हेनरी के हाथ लगी और सीधा स्टंप्स पर जा टकराई।
दुबे की यह शानदार पारी 23 गेंदों में 65 रन पर समाप्त हुई, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच का रुख बदल दिया और एक बार फिर अपनी विस्फोटक क्षमता का लोहा मनवाया।
भारत के लिए टी20I में सबसे तेज़ अर्धशतक (गेंदों के हिसाब से):
12 गेंद: युवराज सिंह बनाम इंग्लैंड, डरबन (2007)
14 गेंद: अभिषेक शर्मा बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी (2026)
15 गेंद: शिवम दुबे बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापट्टनम (2026)
16 गेंद: हार्दिक पांड्या बनाम दक्षिण अफ्रीका, अहमदाबाद (2025)
17 गेंद: अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े (2025)
शिवम दुबे की यह पारी भले ही जीत तक न पहुंचा पाई हो, लेकिन लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों की यादों में जरूर बनी रहेगी।
