स्मिथ बोले: दो दिन में 36 विकेट गिरना “बहुत ज़्यादा”, मेलबर्न पिच पर उठे सवाल

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने शनिवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि 10 मिलीमीटर घास की वजह से बल्लेबाज़ी बेहद कठिन हो गई और गेंद सीम से जरूरत से ज़्यादा मूव कर रही थी। उन्होंने कहा, “यह मुश्किल था। जब आप दो दिनों में 36 विकेट गिरते देखते हैं, तो यह शायद बहुत ज़्यादा है। संभव है कि अगर घास आठ मिलीमीटर होती, तो हालात बेहतर रहते।”
स्मिथ की टिप्पणियों के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स भी इस राय से सहमत दिखे कि दो दिन में टेस्ट मैच खत्म होना आदर्श स्थिति नहीं है। स्टोक्स ने कहा, “बॉक्सिंग डे टेस्ट आप नहीं चाहते कि दो दिन से भी कम समय में खत्म हो जाए। हालांकि मैदान पर उतरने के बाद परिस्थितियों से निपटना ही पड़ता है।”
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चौथा टेस्ट महज़ 142 ओवर में दो दिनों के भीतर समाप्त हो गया। पहले दिन 20 विकेट गिरे—ऑस्ट्रेलिया 152 पर ऑल आउट हुआ, जबकि इंग्लैंड 110 रन ही बना सका। दूसरे दिन 16 और विकेट गिरे और इंग्लैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज कर ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 15 साल का सूखा खत्म किया।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख टॉड ग्रीनबर्ग ने छोटे टेस्ट को “बिज़नेस के लिए खराब” बताया। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग डे पर पहले दिन गिरे विकेट 1909 के बाद एशेज टेस्ट के पहले दिन के सबसे ज़्यादा विकेट थे। इससे पहले पर्थ में भी सीरीज़ का पहला टेस्ट दो दिनों में खत्म हो गया था, जिससे बोर्ड को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ।
ग्रीनबर्ग ने बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए संकेत दिया कि पिच तैयारी में अपेक्षाओं को लेकर ज़्यादा हस्तक्षेप पर विचार हो सकता है।
इस बीच कई पूर्व दिग्गजों ने भी पिच की आलोचना की। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इसे “एक मज़ाक” कहा, जबकि एलिस्टर कुक ने मुकाबले को “अनुचित” करार दिया। ऑस्ट्रेलिया में पिच तैयार करने की परंपरा भले ही क्यूरेटर की स्वतंत्रता पर आधारित रही हो, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल मैच के बाद बहस तेज़ हो गई है कि क्या यह संतुलन फिर से परिभाषित करने का वक्त है।
