तेजस्वी यादव का बिहार चुनाव कॉलेकर एनडीए और इलेक्शन कमीशन पर हमला, “जनता हारी, मशीनरी जीती”

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव करीब 40 दिनों बाद रविवार को पटना लौटे और लौटते ही उन्होंने NDA सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और हेरफेर के ज़रिये जीते गए हैं।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनता हार गई और मशीनरी जीत गई। NDA और चुनाव आयोग ने लोकतंत्र को धनतंत्र और मशीनतंत्र में बदल दिया। हमें पूरी जानकारी है कि किस तरह की साज़िश रची गई। यह चुनाव धोखे और हेरफेर से जीता गया है।”
उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के गठन के बाद बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस चुनाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि RJD आगे रचनात्मक और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वह नई सरकार को शुरुआती दौर में समय देना चाहते हैं।
“हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। सरकार के पहले 100 दिनों तक मैं उसकी नीतियों और फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन यह देखना ज़रूरी होगा कि माताओं-बहनों के खातों में 2 लाख रुपये कब आते हैं, युवाओं को एक करोड़ नौकरियां कब मिलती हैं और संयुक्त घोषणापत्र के मुताबिक हर जिले में 4-5 उद्योग कब लगते हैं। इन वादों को पूरा करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।”
गौरतलब है कि नई सरकार के गठन और पहले विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी यादव बिहार से बाहर थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर यूरोप यात्रा की और फिर नई दिल्ली लौटे, जहां वह नौकरी के बदले ज़मीन मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए थे।
उनकी लंबे समय तक गैरमौजूदगी को लेकर NDA नेताओं ने उन पर तीखा हमला किया था, लेकिन पटना लौटते ही तेजस्वी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को उसके चुनावी वादों पर खुली चुनौती दे दी है। इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाला समय बिहार की राजनीति के लिए काफ़ी संघर्षपूर्ण और टकराव भरा हो सकता है।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव RJD और विपक्ष के लिए निराशाजनक साबित हुए। RJD को सिर्फ़ 25 सीटें मिलीं। कांग्रेस, CPI-ML, CPI, CPM और IIP समेत अन्य विपक्षी दलों का प्रदर्शन भी बेहद कमजोर रहा।
विधानसभा में विपक्ष की कुल संख्या फिलहाल 35 विधायकों तक सीमित है। वहीं, NDA ने 202 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिसमें:
BJP: 89 सीटें
JDU: 85 सीटें
LJPRV: 19 सीटें
HAM: 5 सीटें
RLM: 4 सीटें शामिल हैं।
