बिहार मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा नजदीक

The deadline for filing claims and objections on the draft Bihar voter list is nearचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने रविवार को घोषणा की कि बिहार में 7.24 करोड़ मतदाताओं की प्रारूप निर्वाचक नामावली पर दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने के लिए अब केवल एक दिन शेष है। यह प्रक्रिया विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2025 के तहत की जा रही है। आयोग ने 1 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसके बाद से राजनीतिक दलों, मतदाताओं और बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) द्वारा दावे और आपत्तियाँ प्रस्तुत की जा रही हैं।

आयोग के 1 से 31 अगस्त तक के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, राजनीतिक दलों ने कुल 1,60,813 बीएलए नियुक्त किए हैं। इनमें से सबसे अधिक बीएलए भारतीय जनता पार्टी ने 53,338 नियुक्त किए, उसके बाद राष्ट्रीय जनता दल ने 47,506, जनता दल (यूनाइटेड) ने 36,550 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 17,549 बीएलए नियुक्त किए। बीएलए द्वारा अब तक 25 समावेशन के दावे और 103 नाम विलोपन की आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं।

व्यक्तिगत स्तर पर नागरिकों ने अधिक सक्रियता दिखाई है। आयोग को अब तक 33,326 समावेशन के दावे और 2,07,565 नाम विलोपन की आपत्तियाँ प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 38,342 मामलों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है। इसके अलावा, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के 15.32 लाख से अधिक नए मतदाताओं ने फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन किया है, जिनमें से 81,073 मामलों का निपटारा सात दिनों के भीतर किया गया।

आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि दावे और आपत्तियाँ 1 सितंबर, 2025 तक ही दाखिल की जा सकती हैं, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है। प्रारूप मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिक फॉर्म-6 भर सकते हैं, जबकि अपात्र नामों के विरुद्ध आपत्तियाँ फॉर्म-7 के माध्यम से दी जा सकती हैं। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए भी निर्धारित घोषणा-पत्रों के साथ इन दावों और आपत्तियों को मतदाताओं की ओर से दर्ज करने के लिए अधिकृत हैं।

24 जून, 2025 को शुरू हुई यह सघन पुनरीक्षण प्रक्रिया मतदाता सूचियों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। आयोग ने अपनी सलाह में दोहराया है कि “शुद्ध मतदाता सूची ही लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है” और यह कार्य पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। दावे और आपत्तियों के निपटान के बाद अंतिम मतदाता सूचियाँ सार्वजनिक रूप से और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

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