वनडे को ‘सबसे आसान फॉर्मेट’ बताने पर बहस तेज, शुभमन गिल ने संजय मांजरेकर को दिया करारा जवाब

The debate intensifies over calling ODIs the 'easiest format'; Shubman Gill gives a strong reply to Sanjay Manjrekar.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज़ जो रूट द्वारा टेस्ट क्रिकेट में अपना 41वां शतक जड़ने के बाद, पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने एक बार फिर विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रूट, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन और विराट कोहली को लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का ‘फैब 4’ माना गया, लेकिन कोहली इस चौकड़ी के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा है।

मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि उन्हें कोहली का टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे खेलते रहना खलता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कोहली ने अपनी तकनीकी कमियों को सुधारने के बजाय टेस्ट से संन्यास लेना चुना और वनडे जैसे “सबसे आसान फॉर्मेट” में खेलते रहने का फैसला किया। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर काफी नाराज़गी देखने को मिली।

इस विवाद पर भारत बनाम न्यूजीलैंड पहले वनडे से पहले वडोदरा में भारतीय कप्तान शुभमन गिल से सवाल किया गया। एक रिपोर्टर ने गिल से पूछा, “क्या आपको लगता है कि वनडे तीनों फॉर्मेट में सबसे आसान है? क्योंकि एक पूर्व क्रिकेटर ने ऐसा कहा है।”

इस पर शुभमन गिल ने साफ शब्दों में मांजरेकर के बयान से असहमति जताई। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी फॉर्मेट आसान होता है। अगर वनडे इतना ही आसान होता, तो भारत 2011 के बाद से हर दूसरे वर्ल्ड कप में ट्रॉफी जीत रहा होता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।”

गिल ने आगे कहा, “कहना आसान है कि कोई फॉर्मेट आसान है, लेकिन बड़े ICC टूर्नामेंट जीतने के लिए बहुत धैर्य, कड़ी मेहनत और मजबूत मानसिकता की जरूरत होती है। मेरे हिसाब से क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं है।”

वहीं, संजय मांजरेकर ने अपने बयान पर कायम रहते हुए एक और इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी सोच को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ों के लिए वनडे क्रिकेट तुलनात्मक रूप से आसान होता है।

मांजरेकर ने कहा, “कई लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं क्यों कहता हूं कि वनडे क्रिकेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ों के लिए आसान है। अगर आप भारतीय क्रिकेट को कुछ साल पीछे जाकर देखें, तो पाएंगे कि जो खिलाड़ी लंबे समय तक भारत के लिए वनडे में ओपनिंग कर रहे थे, वे टेस्ट क्रिकेट में मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज़ थे। वे टेस्ट में नंबर 4, 5 या 6 पर खेलना पसंद करते थे और टॉप तीन में बल्लेबाज़ी करने को लेकर उत्सुक नहीं थे।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन वनडे क्रिकेट में वही बल्लेबाज़ ओपनिंग या नंबर तीन पर खेलने के लिए बेताब रहते हैं। यही इस सवाल का जवाब है। 50 ओवर के क्रिकेट में ओपनिंग या नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वहां चार स्लिप और एक गली नहीं होती। गेंदबाज़ का मकसद आपको आउट करना कम और रन रोकना ज़्यादा होता है।”

कोहली के टेस्ट से संन्यास और वनडे को लेकर मांजरेकर की टिप्पणियों ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें खिलाड़ी और फैंस अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

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