दिल्ली हाईकोर्ट ने UAE में विक्रांत जेटली के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया, सेलिना जेटली ने साझा किया अपडेट
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली, को UAE में हिरासत में लिए जाने के मामले में नई राह खुली है। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) से आदेश जारी करने को कहा, ताकि UAE में उनके कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म नियुक्त की जा सके।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सेलिना ने इंस्टाग्राम पर विस्तृत नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आज माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने एक सैनिक के अधिकारों को बहाल करने के लिए कदम उठाया। महीनों की अथक कोशिशों के बाद, मैंने अपने भाई मेजर विक्रांत कुमार जेटली (रिटायर्ड) के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया, जो पिछले 16 महीनों से UAE में हिरासत में हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि माननीय न्यायाधीश कौड़व ने आदेश दिया है: “विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, एम/एस खालिद अलमारी एंड पार्टनर्स एडवोकेट्स को उचित आदेश जारी करे, जिससे उक्त फर्म को श्री विक्रांत कुमार जेटली का दुबई और अबू धाबी में सभी मामलों के लिए प्रतिनिधित्व करने का अधिकार प्राप्त हो।”
सेलिना ने यह भी साझा किया कि Khaled Almarri & Partners Advocates, जो UAE की प्रमुख लॉ फर्मों में से एक है, ने पूरी तरह प्रो बोनो (बिना शुल्क) अपने प्रतिनिधित्व की पेशकश की है। उन्होंने फर्म के प्रमुखों का विशेष धन्यवाद किया, जिनमें श्री खालिद खलफान हमद माजेद अलमारी, श्री कुशाग्र अशोक अरोड़ा और श्री हिमांशु गोस्वामी शामिल हैं।
अभिनेत्री ने कहा, “यह नियुक्ति मेजर विक्रांत के वियना कन्वेंशन के तहत अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। मुझे विदेश मंत्रालय पर पूरा भरोसा है कि वह मेरे भाई के मामले को UAE की न्यायिक प्रणाली और नेतृत्व के सामने आगे बढ़ाएंगे।”
उन्होंने अपने कानूनी सलाहकारों का भी धन्यवाद किया, जिनमें राघव कक्कर, सुरदीश वात्स, अधिवक्ता माधव अग्रवाल और रिभव पांडे, कर्नल सर्वेश शर्मा (VSM) शामिल हैं। उन्होंने पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, सीनियर अधिवक्ता श्री संजय जैन का विशेष आभार व्यक्त किया।
सेलिना ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ताकि उनके भाई को कानूनी और चिकित्सीय सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें UAE में बिना उचित कानूनी या चिकित्सा सहायता के हिरासत में लिया गया।
