असम को घुसपैठियों से मुक्त करने की जिम्मेदारी मिसिंग समाज की है: अमित शाह
चिरौरी न्यूज
गुवाहाटी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने आज असम के धेमाजी में 10वें मिसिंग यूथ फेस्टिवल को संबोधित किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि असम को घुसपैठियों से मुक्त करने की जिम्मेदारी मिसिंग समाज की है।
गृह मंत्री ने कहा कि मिसिंग यूथ फेस्टिवल ने पूरे देश के आदिवासी और जनजातीय समुदायों को एक नई दिशा दिखाई है। उन्होंने बताया कि अपने अधिकारों, संस्कृति, भाषा, साहित्य, नृत्य और संगीत की रक्षा का मार्ग बंदूक के बजाय युवा महोत्सव के माध्यम से संभव है। उन्होंने कहा कि कई संस्कृतियों का संगम ही भारत की समृद्ध संस्कृति बनाता है और यह दृष्टिकोण असम को आगे बढ़ा रहा है। Donyi-Polo संस्कृति न केवल असम और अरुणाचल के लिए बल्कि पूरे भारत और विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है।
मंत्री ने कहा कि पहले अलग-अलग जनजातियां अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष करती थीं, जबकि विपक्षी सरकारें इन्हें दबाने का प्रयास करती थीं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त इंटरलॉक्यूटर्स सभी समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर संस्कृति, भाषा और परंपरा को समान अधिकार मिल रहा है।
बोगीबील ब्रिज का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह ब्रिज मिसिंग श्रमिकों की मेहनत का प्रतीक है और इसे चार वर्षों में पूरा किया गया। उन्होंने मिसिंग समाज को ब्रह्मपुत्र घाटी की धड़कन बताते हुए कहा कि यह असम और भारत की संस्कृति की आत्मा और जीवंत पहचान है। उन्होंने बताया कि भविष्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में मिसिंग युवाओं की विशेष भर्ती की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में असम शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार ने कई समझौते कर लगभग 10,000 युवाओं से हथियार छीन लिए हैं। असम सरकार ने 200 लोअर प्राइमरी स्कूलों में मिसिंग भाषा को शिक्षा में शामिल किया है। मंत्री ने बताया कि राज्य का युवा अब हथियार के बजाय दृष्टिकोण और डर के बजाय सपने अपनाने लगा है।
अमित शाह ने कहा कि असम को घुसपैठियों से मुक्त करने की जिम्मेदारी मिसिंग समाज की है। उन्होंने बताया कि विपक्षी सरकारों के 20 साल के शासन में सात ज़िले घुसपैठियों से प्रभावित हो गए थे। मोदी सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं और असम सरकार ने 1,26,000 एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।
विकास पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में मोदी सरकार ने असम के लिए 4,50,000 करोड़ रुपए आवंटित किए, जबकि पिछली सरकार ने 1,28,000 करोड़ रुपए दिए थे। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के लिए 30,000 करोड़, रेलवे और एयरपोर्ट के लिए 95,000 करोड़ और 10,000 करोड़ रुपए दिए गए।
आदिवासी कल्याण के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 15 नवंबर को आदिवासी गौरव दिवस घोषित किया और देशभर में 200 करोड़ के बजट से ट्राइबल म्यूजियम बनाए गए। उन्होंने बताया कि ट्राइबल विकास के लिए बजट 1,35,000 करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया और एकलव्य रेज़िडेंशियल स्कूल का बजट 25 गुना बढ़ाया गया है।
मंत्री ने युवाओं, संस्कृति और विकास के माध्यम से असम को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
