एशिया कप 2025 फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 69 रन की पारी से पहले थोड़ी घबराहट थी: तिलक वर्मा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ तिलक वर्मा की मैच जिताऊ पारी को टूर्नामेंट के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिना जा रहा है। दुबई में खेले गए इस हाई-प्रेशर मुकाबले में 147 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी।
पावरप्ले के दौरान ही भारत ने 20 रन पर तीन बड़े विकेट गंवा दिए थे। अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे टीम मुश्किल में फंस गई। ऐसे दबाव भरे हालात में तिलक वर्मा ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए 53 गेंदों पर नाबाद 69 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे।
हाल ही में GQ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में तिलक ने उस पारी को याद करते हुए बताया कि बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरने से पहले ही वह घबराहट के कारण पसीना-पसीना हो रहे थे।
तिलक ने कहा, “मैं बल्लेबाजी के लिए उतरने से पहले ही पसीना बहा रहा था। भारत पहले ही पाकिस्तान को दो बार हरा चुका था, इसलिए सभी को आसान जीत की उम्मीद थी। लेकिन यह दुबई था, फाइनल था और सामने पाकिस्तान था। उनका गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत था और मेरे दिमाग में बस एक ही बात चल रही थी—हम यह मैच हार नहीं सकते।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं बचपन से ऐसा करता आया हूं। मुंबई इंडियंस के लिए भी दबाव में खेलकर मैंने अपनी पहचान बनाई है। मैं खुद से कह रहा था कि जो भी हो, मैं देश के लिए यह मैच जीतूंगा। दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था, लेकिन मैं सिर्फ अपनी सांसों पर ध्यान दे रहा था। मैंने अपनी जर्सी पर बने भारत के लोगो को देखा और सोचा कि इसका मेरे लिए क्या मतलब है। मुझे यह भी विश्वास था कि भगवान मेरे साथ हैं। और फिर सब कुछ ठीक हो गया।”
लो-स्कोरिंग और रोमांचक फाइनल में तिलक अंत तक क्रीज पर डटे रहे और भारत को पांच विकेट से जीत दिलाई। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को 146 रन पर समेट दिया था। जवाब में भारत ने दो गेंद शेष रहते 147 रन का लक्ष्य हासिल कर अपना नौवां एशिया कप खिताब जीत लिया।
तिलक के अलावा शिवम दुबे ने भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 22 गेंदों पर तेजतर्रार 33 रन बनाए और तिलक के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
इस जीत के साथ तिलक वर्मा ने खुद को बड़े मैचों का खिलाड़ी साबित कर दिया और उनकी यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में बनी रहेगी।
