ट्रंप ने G7 समिट छोड़ी, ईरान-इज़राइल संकट के बीच वाशिंगटन लौटे
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में चल रही G7 समिट को एक दिन पहले ही छोड़ दिया और वाशिंगटन डीसी लौट आए। व्हाइट हाउस ने उनके अचानक लौटने का कारण “मिडिल ईस्ट में चल रही स्थिति” बताया, जहां ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है।
ट्रंप का बड़ा बयान: “तेहरान तुरंत खाली करें”
ट्रंप ने समिट के दौरान ईरानियों से तुरंत तेहरान छोड़ने की अपील की और दोहराया कि ईरान को अमेरिका के साथ परमाणु समझौता कर लेना चाहिए था। उन्होंने Truth Social पर लिखा, “ईरान को वह डील साइन कर लेनी चाहिए थी जो मैंने उन्हें बताई थी। अफसोस और मानव जीवन की बर्बादी। साफ कहूं तो, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। मैंने यह बार-बार कहा है! सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए!”
सीजफायर पर मतभेद, मैक्रों से तकरार
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया कि ट्रंप मध्य पूर्व में सीजफायर की संभावना पर विचार कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, “पब्लिसिटी के भूखे राष्ट्रपति मैक्रों ने गलत कहा कि मैं सीजफायर के लिए वाशिंगटन लौट रहा हूं। उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि मैं क्यों लौट रहा हूं।”
व्हाइट हाउस में हालात पर नजर, सैन्य सतर्कता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने अपने नेशनल सिक्योरिटी टीम को व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में तैयार रहने को कहा है, जो अमेरिका की खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा फैसलों का मुख्य केंद्र है14। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी फौजों को रक्षात्मक रूप से तैनात कर रहा है और ट्रंप अब भी ईरान के साथ परमाणु समझौते की कोशिश में हैं।
G7 में अमेरिकी असहमति, संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर नहीं
G7 के नेता यूक्रेन और ईरान-इज़राइल संघर्ष जैसे मुद्दों पर एकमत नहीं हो सके। ट्रंप ने G7 के उस मसौदा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया जिसमें मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील की गई थी।
ट्रंप का अचानक G7 समिट छोड़ना और ईरान-इज़राइल संकट पर उनकी कड़ी प्रतिक्रिया, वैश्विक राजनीति में अमेरिका की भूमिका और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। अब सबकी निगाहें वाशिंगटन पर हैं, जहां ट्रंप और उनकी टीम आगे की रणनीति तय करेंगे।
