U19 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: 14 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 175 रन ठोक रचा इतिहास
चिरौरी न्यूज
हरारे: भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेलकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज़ 14 साल के इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक जड़ते हुए भारत को मैच में मजबूत स्थिति दिला दी।
वैभव की यह पारी भारतीय अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे तेज़ सेंचुरी साबित हुई। उन्होंने इस दौरान छह चौके और छह छक्के लगाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड राज अंगद बावा के नाम था, जिन्होंने 2022 में युगांडा के खिलाफ 69 गेंदों में शतक लगाया था। वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप में 60 गेंदों से कम में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बन गए हैं।
टूर्नामेंट इतिहास में दूसरा सबसे तेज़ शतक
पूरे अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी दूसरे सबसे तेज़ शतकवीर बन गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के क़ासिम अकरम (63 गेंद, 2022) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस सूची में सबसे तेज़ शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलाज्चुक के नाम है, जिन्होंने 2026 संस्करण में जापान के खिलाफ 51 गेंदों में शतक लगाया था।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ शतक (गेंदों के हिसाब से):
51 – विल मलाज्चुक (ऑस्ट्रेलिया) बनाम जापान, विंडहूक, 2026
55 – वैभव सूर्यवंशी (भारत) बनाम इंग्लैंड, हरारे, 2026
63 – क़ासिम अकरम (पाकिस्तान) बनाम श्रीलंका, 2022
65 – बेन मेयस (इंग्लैंड) बनाम स्कॉटलैंड, हरारे, 2026
69 – राज अंगद बावा (भारत) बनाम युगांडा, 2022
175 रनों की ऐतिहासिक पारी
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी का अंत 80 गेंदों में 175 रन बनाकर किया, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 150 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
इस विस्फोटक पारी के साथ वैभव ने साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस का एक और रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक ही अंडर-19 वर्ल्ड कप संस्करण में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव ने पूरे टूर्नामेंट में 30 छक्के जड़े, जबकि ब्रेविस ने 2022 में 18 छक्के लगाए थे।
इससे पहले मैच में भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। यह मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया। भारत ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि इंग्लैंड ने टूर्नामेंट की दूसरी सबसे सफल टीम ऑस्ट्रेलिया को 27 रन से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की यह ऐतिहासिक पारी भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक बनकर सामने आई है।
