यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, रूस के पांच एयरबेस बने निशाना; ‘स्पाइडर वेब’ ऑपरेशन का खुलासा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की तैयारियों के बीच रविवार को यूक्रेन ने रूस के भीतर एक बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया, जिसे अब तक का सबसे बड़ा यूएवी हमला माना जा रहा है। यूक्रेनी ड्रोन हमले ने रूस के पांच प्रमुख सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया — मुरमान्स्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाजन और अमूर क्षेत्रों में स्थित एयरबेस।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा, “आज कीव शासन ने फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन के जरिए हमारे एयरफील्ड्स पर आतंकवादी हमला किया। इवानोवो, रियाजन और अमूर क्षेत्रों में हमले विफल कर दिए गए। किसी भी नागरिक या सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।”
हालांकि, रूस ने यह भी स्वीकार किया कि मुरमान्स्क और इरकुत्स्क में ड्रोन हमलों के कारण “कई सैन्य विमानों में आग लग गई।” रूसी बयान के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है।
यूक्रेनी दावा: 40 विमान क्षतिग्रस्त, रणनीतिक बमवर्षक भी शामिल
यूक्रेन के सूत्रों ने दावा किया है कि इस अभूतपूर्व हमले में कम से कम 40 रूसी विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम TU-95 और Tu-22 बमवर्षक भी शामिल हैं।
इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर ने पुष्टि की कि साइबेरिया में पहली बार एक सैन्य इकाई पर ड्रोन हमला हुआ है, जो इस ऑपरेशन की गंभीरता को दर्शाता है।
यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) द्वारा एक विशेष अभियान के तहत किया गया।
ऑपरेशन ‘स्पाइडर वेब’ – एक साल की तैयारी
यूक्रेनी समाचार पोर्टल प्रावदा के अनुसार, इस हमले की योजना एक वर्ष पहले बनाई गई थी और इसे ऑपरेशन “पावुтина” यानी “स्पाइडर वेब” नाम दिया गया था। इसका उद्देश्य रूस की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमताओं को कमजोर करना है।
हमले की रणनीति बेहद उन्नत थी. ड्रोन को मोबाइल लकड़ी के शेड्स में छिपाया गया था, जो ट्रकों पर रखे गए थे। तय समय पर इन ट्रकों की छतें रिमोट कंट्रोल से खुलती थीं और ड्रोन हवा में उड़कर लक्ष्य पर पहुंचते थे।
शांति वार्ता से ठीक पहले हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन सोमवार को तुर्की के इस्तांबुल में दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू करने जा रहे हैं। रूसी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें क्रेमलिन के सलाहकार व्लादिमीर मेडिंस्की शामिल हैं, पहले ही इस्तांबुल पहुंच चुका है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनकी ओर से रक्षा मंत्री रुस्तेम उमेरोव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल होगा। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमारी प्राथमिकता है — बिना शर्त और पूर्ण संघर्षविराम, युद्धबंदियों की वापसी और जबरन अपहृत बच्चों की सुरक्षित रिहाई।”
