अंडर-19 वर्ल्ड कप: एरॉन जॉर्ज के शतक से भारत ने रचा इतिहास, 311 रन का लक्ष्य हासिल कर फाइनल में पहुंचा

Under-19 World Cup: Aaron George's century helps India create history, chasing down a target of 311 runs to reach the final.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: पांच बार की चैंपियन भारतीय अंडर-19 टीम ने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की सबसे यादगार रन चेज़ में से एक को अंजाम देते हुए अफगानिस्तान को दूसरे सेमीफाइनल में मात दी। ओपनर एरॉन जॉर्ज के शानदार शतक की बदौलत भारत ने रिकॉर्ड 311 रन का लक्ष्य हासिल कर फाइनल में जगह बना ली, जहां उसका सामना इंग्लैंड अंडर-19 टीम से होगा।

टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे बड़े सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को एरॉन जॉर्ज और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने तेज़ शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 90 रन जोड़े। वैभव ने एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से सभी का ध्यान खींचा और सिर्फ 33 गेंदों में 68 रन ठोक दिए, जिससे पावरप्ले में ही भारत रनरेट से काफी आगे निकल गया।

अफगानिस्तान की खराब फील्डिंग का भारत ने पूरा फायदा उठाया। 22 रन पर वैभव सूर्यवंशी का कैच बैकवर्ड पॉइंट पर नजाई ने टपका दिया, जिसके बाद उन्होंने महज 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। वहीं, एरॉन जॉर्ज को भी 20 रन पर मिड-ऑन पर जीवनदान मिला। इन मौकों का फायदा उठाते हुए भारत ने पहले पावरप्ले में 91/1 का स्कोर बना लिया।

वैभव सूर्यवंशी का आउट होना शुरुआती एकमात्र झटका रहा। वह शॉर्ट गेंद पर मिड-विकेट में कैच दे बैठे और 33 गेंदों पर 68 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद एरॉन जॉर्ज ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 104 रनों की अहम साझेदारी हुई। कप्तान म्हात्रे ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 62 रन की पारी खेली, लेकिन 27वें ओवर में डीप मिड-विकेट पर कैच दे बैठे।

दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन एरॉन जॉर्ज अंत तक डटे रहे। उन्होंने मल्होत्रा के साथ पारी को स्थिरता दी और 95 गेंदों में शानदार शतक जड़ा। जॉर्ज 115 रन बनाकर आउट हुए, तब तक भारत की जीत लगभग तय हो चुकी थी।

भारतीय बल्लेबाज़ों के सामने अफगान गेंदबाज़ बेबस नज़र आए। मिसफील्ड, कैच छोड़ने और रनआउट के मौके गंवाने से अफगानिस्तान की मुश्किलें और बढ़ गईं और उनका टूर्नामेंट सफर दिल तोड़ने वाले अंदाज़ में समाप्त हुआ।

इससे पहले अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 4 विकेट पर 310 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। फैसल शिनोज़ादा ने 93 गेंदों में शानदार 110 रन बनाए, जबकि उजैरुल्लाह नजाई ने 86 गेंदों में नाबाद 101 रन की पारी खेली। भारतीय गेंदबाज़ साझेदारियां तोड़ने में संघर्ष करते दिखे।

अफगानिस्तान ने उस्मान सादात और खालिद अहमदजई के जरिए ठोस शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। 13वें ओवर में दीपेश देवेंद्रन ने अहमदजई (31) को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद फैसल और सादात ने दूसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े।

भारत को 25वें ओवर की शुरुआत में कनिष्क चौहान ने राहत दिलाई, जब सादात 39 रन बनाकर लॉन्ग ऑफ पर कैच दे बैठे। हालांकि इसके बाद फैसल और नजाई की तीसरे विकेट की बड़ी साझेदारी ने भारत की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फैसल ने 15 चौके लगाए, जबकि नजाई ने 12 चौके और दो छक्के जड़ते हुए अफगानिस्तान को 300 के पार पहुंचाया।

लेकिन अंत में एरॉन जॉर्ज की अगुआई में भारत ने ऐतिहासिक रन चेज़ पूरी कर फाइनल का टिकट कटा लिया।

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