आशा भोसले का ‘कोई शहरी बाबू’ पर मशहूर एक्ट्रेस मुमताज़ के साथ डांस का वीडियो फिर से वायरल
चिरौरी न्यूज़
नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत के लिए एक अत्यंत दुखद खबर है। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का आज निधन हो गया। हाल ही में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और संगीत प्रेमी उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह “कोई सहरी बाबू दिल लहरी बाबू” गीत पर नृत्य करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में वह अभिनेत्री मुमताज को अपने साथ मंच पर आने के लिए बुलाती हैं। इसके बाद मुमताज मंच पर आकर अपनी फिल्म “लोफर” के लोकप्रिय गीत पर पूरे उत्साह के साथ नृत्य करती दिखाई देती हैं। यह वीडियो वर्ष 2023 के दिवाली समारोह का बताया जा रहा है।
आशा भोसले भारतीय संगीत की एक ऐसी शख्सियत थीं, जिन्होंने अपनी आवाज से कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। “पिया तू अब तो आजा”, “जाइए आप कहां जाएंगे”, “रंगीला रे” और “शरारा शरारा” जैसे अनगिनत सुपरहिट गीतों से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
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उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत वर्ष 1943 में मराठी फिल्म “माझा बल” के गीत “चला चला नव बाला” से की थी। शुरुआती दौर में उन्हें चंचल और तेज़ रफ्तार गीतों तक सीमित माना गया, लेकिन उन्होंने “दिल चीज़ क्या है” और “तोरा मन दर्पण कहलाए” जैसी ग़ज़लों और शास्त्रीय गीतों के माध्यम से अपनी अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
वर्ष 2023 में अपने 90वें जन्मदिन पर उन्होंने पारिवारिक समारोह से दूर रहकर दुबई में एक भव्य लाइव कॉन्सर्ट किया, जो उनकी ऊर्जा और संगीत के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने एक बार कहा था, “मेरे लिए संगीत ही मेरी सांस है। मैं उसी के सहारे जीती हूं और जीवन के हर कठिन दौर में संगीत ने ही मुझे संभाला है।”
वर्ष 2024 में भी उन्होंने दुबई में एक कार्यक्रम के दौरान गायक करण औजला के लोकप्रिय गीत “तौबा तौबा” पर प्रस्तुति देकर सभी को चौंका दिया था। इस दौरान उन्होंने फिल्म “बैड न्यूज़” के गीत पर अभिनेता विक्की कौशल और अभिनेत्री त्रिप्ति डिमरी के प्रसिद्ध नृत्य स्टेप को भी बखूबी दोहराया।
आशा भोसले को उनके अद्वितीय योगदान के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2000 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया, जबकि 2008 में उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग की पहचान थीं। उनकी मधुर आवाज और अनगिनत गीत सदैव श्रोताओं के दिलों में जीवित रहेंगे।
