विवेक ओबेरॉय ने फिल्मों से लंबे ब्रेक पर तोड़ी चुप्पी, 2004 में लागि चोट को लेकर फैली अफवाहों को किया खारिज
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने आखिरकार फिल्मों से लंबे समय तक दूर रहने को लेकर चल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उन दावों को सिरे से नकार दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि एक ऑन-सेट हादसे के बाद वह शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाने में असमर्थ हो गए थे और इसी वजह से उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बना ली।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में विवेक ने साफ किया कि भले ही यह हादसा गंभीर था, लेकिन इसका उनके करियर या अभिनय क्षमता पर कोई स्थायी असर नहीं पड़ा। यह हादसा साल 2004 में फिल्म युवा की शूटिंग के दौरान हुआ था।
विवेक ओबेरॉय का बयान
अपने बयान में विवेक ने कहा, “हाल ही में कुछ चर्चाएं हो रही हैं, जिनमें यह कहा जा रहा है कि सेट पर हुए एक हादसे ने मेरी शारीरिक क्षमता को प्रभावित किया और इसी कारण मैंने इंडस्ट्री छोड़ दी। यह पूरी तरह गलत है।”
उन्होंने आगे बताया, “हादसा गंभीर जरूर था। मुझे कई फ्रैक्चर हुए थे और सर्जरी करानी पड़ी, जिसमें मेरी टांग में 18 इंच की टाइटेनियम रॉड डाली गई। इस चोट से उबरना शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। लेकिन डॉ. अली ईरानी, जो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट और नानावटी अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख रहे हैं, और उनकी टीम की बदौलत मैं करीब तीन महीनों में पूरी तरह ठीक हो गया।”
विवेक ने कहा कि डॉ. ईरानी और उनकी टीम की मेहनत, मार्गदर्शन और सहयोग के चलते वह इतनी जल्दी फिर से नाचने, एक्शन सीन करने और कठिन भूमिकाएं निभाने में सक्षम हो पाए। इसके लिए उन्होंने पूरी टीम के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई।
विवेक ने अपने करियर को लेकर कहा, “आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो वह हादसा मेरे करियर का सिर्फ एक छोटा सा पड़ाव था। डॉ. ईरानी और उनकी टीम की वजह से ही मैं ओंकारा (2006), शूटआउट एट लोखंडवाला (2007), मिशन इस्तांबुल (2008), प्रिंस (2010), कृष 3 (2013) जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण किरदार निभा सका।”
काम की बात करें तो विवेक ओबेरॉय हाल ही में फिल्म मस्ती 4 में नजर आए, जिसमें उनके साथ रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दिए।
