पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की आपात बैठक, 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा पर जोर
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते सैन्य टकराव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक की अध्यक्षता की। लगभग तीन घंटे चली इस उच्चस्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे और कार्यरत करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर समन्वित हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया, जिसमें कतर और दुबई भी शामिल हैं। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका गहरा गई है।
CCS, जो भारत की सर्वोच्च सुरक्षा निर्णय लेने वाली संस्था है, को क्षेत्र में हो रहे सैन्य घटनाक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। समिति ने इस परिस्थिति में भारतीय समुदाय की संवेदनशील स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
बैठक में केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों के सामने खड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों की भी समीक्षा की गई। 11 देशों द्वारा हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण भारतीय एयरलाइंस की लगभग 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके अलावा क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की महत्वपूर्ण परीक्षाओं पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
समिति ने समुद्री व्यापार मार्गों, विशेष रूप से होरमुज़ जलडमरूमध्य, में संभावित व्यवधान की आशंका पर भी चर्चा की, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और जल्द से जल्द संघर्ष विराम की आवश्यकता दोहराई।
इससे पहले उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से भी बात की। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इन कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है तथा वहां रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया।
CCS ने संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाएं। सरकार ने आपात स्थिति की स्थिति में निकासी योजनाएं भी तैयार रखी हैं। विदेश मंत्रालय ने तेहरान, तेल अवीव, अबू धाबी और दुबई स्थित भारतीय मिशनों में 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय कर दी हैं।
नई दिल्ली का मुख्य फोकस दोहरे संतुलन पर है एक ओर विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दूसरी ओर क्षेत्रीय स्थिरता एवं कूटनीतिक समाधान की वकालत कर संभावित वैश्विक आर्थिक झटके को टालना।
