भारत ने दिया अमेरिका को 216 अरब डॉलर का ऋण

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: भारत ने अमेरिका को 216 अरब डॉलर का ऋण दिया है। सुनने में थोडा अटपटा जरुर लग सकता है लेकिन ये आंकड़ा अमेरिका के एक सांसद का है जिन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जो बाइडेन सरकार के करीब दो हजार अरब डॉलर के कोरोना प्रोत्साहन पैकेज का विरोध करते हुए कहा है।

वेस्ट वर्जीनिया का प्रातिनिधित्व करने वाले सांसद एलेक्स मूनी ने कहा, भारत का हमारे ऊपर बकाया 216 अरब डॉलर है। हमारे विदेशी ऋणदताओं की यह सूची लंबी है। चीन के साथ वैश्विक स्तर पर हमारी प्रतिस्पर्धा है। उनका हमारे ऊपर बहुत बड़ा कर्ज चढ़ा हुआ है। चीन का हम पर 1000 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज बकाया है। हम जापान के भी 1000 अरब डॉलर से अधिक के बकाएदार हैं।

दरअसल कोरोना की महामारी ने कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट कर दी है जिसके कारण सभी देश अपने यहाँ एक आर्थिक पैकेज देकर मंदी से उबरने की कोशिश में लगे हुए हैं। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की बात करें, तो अमेरिका ने भारत से कुल 216 अरब डॉलर यानी करीब करीब 15 लाख करोड़ का कर्ज लिया हुआ है। इसी कर्म में अमेरिका की जो बाइडेन सरकार को आगाह करते हुए सांसद एलेक्स मूनी ने कहा कि, अमेरिका पर कुल 29 ट्रिलियन डॉलर (290 खरब डॉलर) का कर्ज है जिसमें चीन और जापान का कर्ज सबसे ऊंचा है। वर्ष 2020 में अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज भार 23400 अरब डॉलर था। यानी प्रत्येक अमेरिकी पर औसतन 72309 डॉलर का ऋण था।

अमेरिकी सांसद एलेक्स मूनी ने कहा कि, “हर व्यक्ति पर कर्ज का भार और अधिक बढ़ रहा है। कर्ज के बारे में सूचनाएं बहुत भ्रामक हैं कि यह जा कहां रहा है। जो दो देश-चीन और जापान हमारे सबसे बड़े कर्जदाता हैं, वे वास्तव में वे हमारे दोस्त नहीं हैं।“

उन्होंने कहा, ‘ब्राजील को हमें 258 अरब डॉलर देना है। भारत का हमारे ऊपर बकाया 216 अरब डॉलर है। वर्ष 2000 में अमेरिका पर 5600 अरब डॉलर का कर्ज था। ओबामा के समय यह दोगुना हो गया।“

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जनवरी में 1900 अरब डॉलर के कोविड-19 राहत पैकेज की घोषणा की ताकि इस महामारी के चलते अर्थव्यवस्था पर आए संकट का मुकाबला किया जा सके। एलेक्स मूनी और विपक्ष के अन्य सांसदों ने पैकेज का विरोध किया है।

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