कोरोना के कारण रद्द हो सकती है विश्वविद्यालयों और कालेजों की लंबित परीक्षाएं

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: देश भर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए विभिन्न यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाएं भी अब रद्द की जा सकती है। ज्यादातर विश्वविद्यालय और कालेजों ने परीक्षाएं कराने से पहले ही इनकार कर दिए हैं, लेकिन जो विश्वविद्यालय और कालेज आनलाइन या ओपेन बुक जैसे तरीके से परीक्षाएं कराने में सक्षम होंगे, उन्हें छूट मिलेगी। देश में करीब एक हजार विश्वविद्यालय और 45 हजार से ज्यादा कालेज है।

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय इससे पहले सीबीएसई व आईसीएसई की दसवीं और बारहवीं की लंबित परीक्षाएं रद्द कर चुका है, जो कि विवि और कालेजों की परीक्षाओं के साथ ही एक से पंद्रह जुलाई के बीच प्रस्तावित थी।

सूत्रों की मानें तो यूजीसी इन परीक्षाओं को लेकर अगले एक-दो दिन में ही फैसला ले लेगा। परीक्षाओं को कैसे कंडक्ट किया जा सकता है, इसे लेकर यूजीसी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर हरियाणा विवि के कुलपति प्रोफेसर केसी कुहाड की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर रखी है। और कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी दे दी है, जिसमें परीक्षाओं सहित छात्रों को प्रमोट करने के तरीके और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर पूरी गाइडलाइन है।

कमिटी की सिफारिश के आधार पर अंतिम निर्णय यूजीसी बोर्ड को करना है। सूत्रों के मुताबिक यूजीसी अगले एक दो दिनों में जारी होने वाली अपनी संशोधित गाइडलाइन में रद्द होने वाली परीक्षाओं के प्रमोट करने का फार्मूला भी पेश करेगा। जिसमें आंतरिक मूल्यांकन या फिर पिछले सेमेस्टर के औसत के आधार पर अंक प्रदान किया जा सकता है।

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