नीतीश सरकार के 23 में से 10 मंत्री हुए चारों खाने चित्त

Signs of political change in Bihar: CM Nitish Kumar may go to Rajya Sabha, Nishant's entry into politics?चिरौरी न्यूज़

पटना: बिहार की जनता की समझ बहुत लाजबाव है। जिसने काम नहीं किया उनको दरकिनार करने में कोई कसर नहीं छोड़ा, चाहे वो मंत्री ही क्यों न हों। विधानसभा चुनाव के परिणाम में नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल रहे तक़रीबन 10 मंत्री चारों खाने चित्त गये। हालांकि उनके द्वारा चुनाव जीतने में कोई कोर कसर छोड़ा नहीं गया, लेकिन जनता ने उन्हें सबक सिखाते हुए नकार दिया। नीतीश सरकार के कुछ मंत्रियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए फिर से जीत हासिल की।

ऐसे में नीतीश कुमार के मंत्रियों में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में नीतीश मंत्रिमंडल के 23 मंत्री मैदान में उतरे थे, जिसमें 13 मंत्री जीतने में कामयाब रहे, और 10 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा।

हालांकि कहा जा रहा है कि हारने वाले मंत्रियों के लिये ज्यादातर स्थान पर लोजपा की मुसीबत थी, लेकिन कुछ स्थानों पर बागियों ने भी कुछ मंत्रियों को हारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नीतीश मंत्रिमंडल के जीतने वाले मंत्रियों में बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा, सुपौल सीट से विजेंद्र प्रसाद यादव, गया टाउन से प्रेम कुमार, पटना साहिब से नंदकिशोर यादव, नालंदा से श्रवण कुमार, बांका से रामनारायण मंडल, मोतिहारी से प्रमोद कुमार, कल्याणपुर से महेश्वर हजारी, लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, मधुबन  से राणा रणधीर, बहादुरपुर से मदन सहनी, बनमनखी से कृष्ण कुमार ऋषि, आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव और रुपौली से बीमा भारती शामिल हैं।

हार का सामना करने वाले मंत्रियों में मुजफ्फरपुर से सुरेश शर्मा, जमालपुर से शैलेश कुमार, जहानाबाद से कृष्णनंदन वर्मा ,राजपुर से संतोष कुमार निराला, दिनारा सीट से जय कुमार सिंह और चैनपुर से बृज किशोर बिंद को हार का मुंह देखना पड़ा है। बता दें कि हारने वाले मंत्रियों में जेडीयू के 8 और बीजेपी के 2 मंत्री शामिल हैं जबकि जीतने वालों मंत्रियों में 6 जेडीयू के और 7 बीजेपी के हैं।

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