जनधन योजना के 12 साल: 59 करोड़ खातों में जमा हुए ₹3.16 लाख करोड़, पीएम मोदी ने बताया ‘अभूतपूर्व’ बदलाव
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने देश में वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है। योजना के तहत पिछले 12 वर्षों में करीब 59 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल ₹3.16 लाख करोड़ की जमा राशि है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जनधन योजना का प्रभाव “असाधारण” रहा है। उन्होंने इस योजना को देश में तेजी से बढ़े वित्तीय समावेशन का अहम माध्यम बताया।
ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनधन योजना के करीब 78 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं। वहीं, कुल खाताधारकों में लगभग 56 फीसदी महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को इस योजना की शुरुआत की थी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी योजना की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनधन योजना ने बैंकिंग व्यवस्था को कुछ लोगों तक सीमित रखने के बजाय ‘सभी के लिए बैंकिंग’ की दिशा में बड़ा बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि जनधन योजना ने आम लोगों को बैंकिंग व्यवस्था के करीब लाकर उनके लिए आर्थिक अवसर, सुरक्षा और सशक्तिकरण के रास्ते खोले हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जनधन खातों में बढ़ती जमा राशि केवल खातों में बढ़ते बैलेंस को नहीं दर्शाती, बल्कि यह भी बताती है कि लाभार्थियों की औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था में भागीदारी बढ़ रही है।
मंत्रालय के मुताबिक, इससे लोगों में बचत की आदत मजबूत होने और देशभर में वित्तीय गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
बिना न्यूनतम बैलेंस के खुलता है खाता
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत हर ऐसे वयस्क को बेसिक बैंक खाता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिसका पहले बैंक खाता नहीं था। इन खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता नहीं है और खातों पर रखरखाव शुल्क भी नहीं लिया जाता।
हर जनधन खाताधारक को मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसके साथ ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा, पात्र खाताधारकों को जरूरत के समय ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिल सकती है।
DBT और JAM ट्रिनिटी में अहम भूमिका
अगस्त 2018 से योजना का फोकस हर परिवार के बजाय हर बैंकिंग सुविधा से वंचित वयस्क तक खाता पहुंचाने पर किया गया। इसके बाद जनधन योजना देश के बैंकिंग ढांचे को दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
यह योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की व्यवस्था की भी अहम आधार बनी है। इसके जरिए सरकारी सब्सिडी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका और भुगतान में देरी कम करने में मदद मिली है।
बीमा योजनाओं तक भी पहुंच आसान हुई
जनधन खातों के जरिए असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों तक जीवन और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच भी बढ़ी है। इनमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना प्रमुख हैं।
सरकार के मुताबिक, जनधन योजना ने JAM (जनधन-आधार-मोबाइल) ट्रिनिटी को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस व्यवस्था के जरिए सरकार जरूरतमंद लोगों को सरकारी लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने में सक्षम हुई है।
सरकार का कहना है कि जनधन योजना ने बैंकिंग सेवाओं को देश के गरीब और दूरदराज के नागरिकों तक पहुंचाने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
