दार्जिलिंग में संपन्न हुई 34वीं अंतर्राष्ट्रीय हिमालयन रन एंड ट्रेक स्पर्धा, विश्वभर से पहुंचे एथलीटों ने दिया पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दार्जिलिंग परिक्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध 34वीं अंतर्राष्ट्रीय हिमालयन रन एंड ट्रेक स्पर्धा माउंट एवरेस्ट और कंचनजंघा की शानदार पर्वत श्रृंखलाओं की छाया में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। रेस डायरेक्टर सी.एस. पाण्डेय द्वारा ने बताया कि अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, दक्षिण अफ्रीका, भारत और सिंगापुर सहित कई देशों के धावकों ने इस साहसिक दौड़ में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पांच दिनों में फैली 160 किलोमीटर की यह कठिन रेस पांच चरणों में पूरी हुई। वर्ष 1991 में शुरू की गई इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दार्जिलिंग के प्रसिद्ध संग्रीला क्षेत्र का पर्यावरण संरक्षण और इसे साहसिक खेलों का वैश्विक केंद्र बनाना है। इस वर्ष रेस मार्ग की पूर्ण स्वच्छता विशेष आकर्षण रही, जिससे पर्यावरण के प्रति समाज की जागरूकता और जिम्मेदारी का संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट हुआ। धावकों को पूरे मार्ग में कूड़ा उठाने का अवसर तक नहीं मिला, जो इस आयोजन की सफलता और स्थानीय सहयोग का प्रमाण है।
रेस डायरेक्टर सी.एस.पाण्डेय ने कहा, “यह हमारे लिए अति हर्ष का विषय है कि इस वर्ष रेस मार्ग पूर्णतः स्वच्छ था जो स्वछता व पर्यावरण के प्रति सामाज के भाव जागरण व ज़िम्मेदारी के बोध को दर्शाता है। हमारे अन्तराष्ट्रीय धावकों को किंचित मात्रा भी कूड़ा- कचरा उठाने का अवसर नहीं मिला। इस दौड़ को दुनिया की सर्वोत्तम पर्यावरण साहसिक दौड़ों में भी गिना जाता है।”
पुरुष वर्ग में जर्मनी के एनटोन स्कैफेर ने 18 घंटे 54 मिनट के समय के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। बेल्जियम के तिगौत गेयंस (23 घंटे 01 मिनट) दूसरे और अमेरिका के क्रिस्टोफर फ्रेंच (24 घंटे 50 मिनट) तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में इंग्लैंड की जेनेट पैने ने 30 घंटे 39 मिनट का समय लेकर बाजी मारी। ऑस्ट्रिया की पेट्रा जनसतचित्तश्च (33 घंटे 15 मिनट) दूसरी और अमेरिका की लोइसे जॉनसन (34 घंटे 18 मिनट) तीसरी रहीं।
रेस की शुरुआत क्षेत्रीय पर्यटन सह-निर्देशक सूरज प्रधान ने हरी झंडी दिखाकर की। 15 नवंबर 2025 को पुरस्कार वितरण समारोह के बाद सभी धावकों को गर्मजोशी से विदाई दी गई। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वे सी.एस. पाण्डेय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों से अत्यंत प्रभावित हैं।
यह अनोखी और चुनौतीपूर्ण दौड़ दुनिया की सबसे सुंदर, स्वच्छ और साहसिक रेसों में गिनी जाती है, जिसने एक बार फिर हिमालय की गोद में अद्वितीय रोमांच और अनुशासन का परिचय दिया।
