एशिया कप हॉकी: भारत ने जापान को 3-2 से हराया, सुपर 4 में पहुंचने के करीब
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में एक बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने जापान को 3-2 से हराकर सुपर 4 में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मज़बूत कर लिया है। भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे, जबकि मनदीप सिंह ने चौथे मिनट में शानदार गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। भारत ने अपने पिछले मुकाबले में चीन पर 4-3 से जीत दर्ज की थी और इस बार उस मैच से सबक लेकर ज़्यादा संतुलित खेल दिखाया।
जापान, जो इस मुकाबले में कज़ाखस्तान को 7-0 से हराकर आत्मविश्वास में था, को भारतीय टीम ने शुरू से ही दबाव में रखा। भारतीय टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण दिखाया और फ्रंट फुट डिफेंडिंग के दम पर जापान को पहले ही क्वार्टर में पीछे धकेल दिया।
शानदार शुरुआत
भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। तीसरे मिनट में मनप्रीत के पास गोल करने का मौका था, लेकिन चौथे मिनट में मनदीप सिंह ने अपने शानदार स्टिक स्किल्स से जापानी गोलकीपर को छकाकर गोल दागा और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
बाएं विंग से सुखजीत के शानदार रन के कारण भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत का पहला शॉट रोका गया, दूसरा भी नाकाम रहा, लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने गोल कर भारत को पांचवें मिनट में ही 2-0 की बढ़त दिला दी।
150वां मैच और पाठक की शानदार वापसी
कृष्ण पाठक, जो अपना 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे, पिछले मुकाबले में तीन गोल खाने के कारण आलोचना का सामना कर रहे थे। लेकिन इस मैच में उन्होंने 13वें मिनट में दो जबरदस्त बचाव कर टीम की बढ़त बनाए रखी।
दूसरे क्वार्टर में भारत का डिफेंस मजबूत नजर आया। हालांकि अमित रोहिदास को 23वें मिनट में ग्रीन कार्ड मिला, जिससे जापान को चार लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। पर भारतीय डिफेंस ने सभी मौकों पर बेहतरीन बचाव किया।
तीसरे क्वार्टर में फिर से रोमांच
दूसरे हाफ की शुरुआत में अभिषेक और संजय की जोड़ी ने एक अच्छा मूव बनाया। मनदीप ने जापानी गोलकीपर योशिकावा को एक और बचाव के लिए मजबूर किया। इसी बीच एक बेहतरीन काउंटर अटैक में सुखजीत के पास से हरमनप्रीत एक फॉरवर्ड की भूमिका में दिखे और लगभग गोल कर ही दिया था।
हालांकि खेल के प्रवाह के विपरीत, जापान ने 38वें मिनट में कोसेई कावाबे के गोल से एक गोल वापस किया। लेकिन तीसरे क्वार्टर के आखिरी क्षण में हरमनप्रीत ने अपना दूसरा गोल कर भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया।
अंतिम क्वार्टर में सस्पेंस
49वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इस बार गोलकीपर सूरज करकेरा ने दो शानदार बचाव कर स्कोर को बरकरार रखा। हालांकि 59वें मिनट में जापान ने फिर से कावाबे के दूसरे गोल से स्कोर 3-2 कर दिया और आखिरी मिनटों में भारत पर दबाव बना।
लेकिन कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति – “डिफेंस ही सबसे बड़ा अटैक है” – को सही साबित करते हुए भारतीय टीम ने अंतिम मिनटों में मजबूत डिफेंस दिखाया और मैच को जीतकर अपने नाम किया।
अगला मुकाबला और समीकरण
भारत अब 1 सितंबर, सोमवार को अपने पूल ‘ए’ का आखिरी मुकाबला कज़ाखस्तान से खेलेगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज कर भारत ग्रुप स्टेज को अजेय रहते हुए समाप्त कर सकता है। वहीं जापान को अब सुपर 4 में पहुंचने के लिए चीन से भिड़ना होगा, जिसने पहले ही दिन कज़ाखस्तान को 13-1 से रौंद दिया था।