दिल्ली में हवा जहरीली: लगातार तीसरे दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा AQI, सरकार ने स्कूलों में हाइब्रिड मोड लागू किया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की हवा लगातार तीसरे दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे शहर के कई इलाकों में घना धुआं और धुंध छा गया। दृश्यता कम होने के साथ ही लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह गीता कॉलोनी–लक्ष्मी नगर रोड पर AQI 413 दर्ज किया गया। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास भी जहरीली धुंध छाई रही, जहां AQI 408 तक पहुंच गया।
शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात चिंताजनक हैं, अलीपुर में 431, आनंद विहार में 438, अशोक विहार में 439, चांदनी चौक में 449, द्वारका सेक्टर-8 में 422, आईटीओ में 433, जहांगीरपुरी में 446, आर.के.पुरम में 432 और रोहिणी में 442 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इतने ऊंचे प्रदूषण स्तर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से श्वसन और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बुधवार से कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड लर्निंग (ऑनलाइन और ऑफलाइन) लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के तहत लिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा, “GRAP चरण-3 के तहत सुरक्षा उपाय तेजी से लागू किए जा रहे हैं। बुधवार से कक्षा 5 तक की कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। स्कूलों में हाइब्रिड मोड जारी रहेगा।”
दिल्ली शिक्षा विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है, “शिक्षा विभाग, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के अधीन आने वाले सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को निर्देश दिए जाते हैं कि कक्षा 5 तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में, यानी जहां संभव हो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से, तुरंत प्रभाव से संचालित की जाएं।”
शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी ने कहा, “सभी स्कूल प्रमुखों को तुरंत अभिभावकों और संरक्षकों को नई व्यवस्था की जानकारी देनी होगी।”
इधर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि एनसीआर से जुड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करें।
