कोलकाता में मेसी के GOAT इंडिया टूर का जश्न अफरातफरी में बदल गया; स्टेडियम में अराजकता, प्रशंसकों में भारी नाराज़गी
चिरौरी न्यूज
कोलकाता: आज कोलकाता के विवेकानंद युवाभारती (साल्ट लेक) स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेसी के GOAT इंडिया टूर 2025 के कोलकाता चरण में होने वाला उत्सव भारी अराजकता में बदल गया। मेसी की उपस्थिति में केवल कुछ ही मिनट रहे और प्रशंसकों के निराशा के स्वर सुने गए।
स्टेडियम में अफरातफरी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जब स्टेडियम में यह स्पष्ट हुआ कि देखने की पहुँच और दृश्यता उम्मीद से कहीं अधिक सीमित है, तो निराश और गुस्साए प्रशंसकों ने पोस्टर होर्डिंग तोड़ दिए, बोतलें फेंकीं और कोलाहल मच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और मेसी को बहुत ही जल्दी, लगभग 10 मिनट से भी कम समय में, वीवीआईपी के साथ स्टेडियम से बाहर ले जाया गया।
फैंस जिन्होंने कई घंटों से ठंड में इंतजार किया था, वे केवल मेसी की एक झलक पाने की उम्मीद में स्टेडियम पहुंचे थे, लेकिन उन्हें उम्मीद के अनुरूप अनुभव नहीं मिला। स्टेडियम के अंदर और बाहर के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें अराजकता और निराशा साफ़ दिखाई दी।
GOAT इंडिया टूर का महत्व और पृष्ठभूमि
लियोनेल मेसी 14 साल बाद भारत लौटे हैं और GOAT इंडिया टूर 2025 का यह तीन दिवसीय कार्यक्रम चार प्रमुख शहर — कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली — में आयोजित हो रहा है। यह दौरा भारत में उनके विशाल प्रशंसक समुदाय के लिए खासा प्रतीक्षित रहा है, जिसमें हजारों लोग ठंड में भी देर रात तक एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करते नजर आए।
कोलकाता में मेसी के आगमन को लेकर पहले से ही भारी उत्साह था और स्टेडियम के बाहर प्रशंसकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिनमें युवा, बुज़ुर्ग और यहां तक कि शादीशुदा जोड़े भी शामिल थे, जिन्होंने मेसी की एक झलक पाने के लिए अपना समय समर्पित किया।
GOAT इंडिया टूर बड़ी धूमधाम से शुरू हुआ था, जिसमें मेसी की 70 फुट ऊँची प्रतिमा का समारोह और कई सेलिब्रिटीज की मौजूदगी जैसे शाहरुख खान की सहभागिता ने इसे खास बनाया।
हालांकि, इस दौरे में कोई फुटबॉल मैच नहीं है, जिससे कुछ फुटबॉल प्रेमियों ने इसे केवल एक शोकेसिंग और सेलेब्रिटी कार्यक्रम बताया है।
कोलकाता और पश्चिम बंगाल सरकार ने भी प्रशंसकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने मैसेज कार्यक्रम के आयोजन और टिकट वितरण से जुड़े प्रबंधन का विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, खासकर टिकटों के अधिक दाम और आम जनता के लिए सीमित पहुँच को लेकर।
