बंगाल मिशन 2026: अमित शाह का फोकस संगठन और रणनीति पर, चुनावी तैयारियों की रूपरेखा तय

चिरौरी न्यूज
कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। कोलकाता पहुंचते ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष राज्य नेतृत्व के साथ लगातार बैठकें कर संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने पार्टी नेताओं को आगामी जनसंपर्क अभियानों में सकारात्मक और भरोसा जगाने वाली भाषा के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। उनका संदेश साफ है कि भाजपा को जनता के सामने एक ऐसी पार्टी के रूप में पेश किया जाए, जो राज्य में लंबे समय से चली आ रही सत्ताधारी व्यवस्था के विकल्प के तौर पर सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम हो।
अपने दौरे के पहले ही दिन शाह ने पार्टी की कोर कमेटी के साथ देर रात तक बैठकें कीं। पहली बैठक में राज्य के 26 वरिष्ठ नेता शामिल थे, जबकि दूसरी बैठक सीमित संख्या में उन नेताओं के साथ हुई, जो पश्चिम बंगाल में संगठन की कमान संभाल रहे हैं। इन बैठकों में चुनावी रोडमैप, बूथ स्तर की तैयारी और संगठनात्मक तालमेल पर चर्चा हुई।
अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए भी पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव को लेकर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि राज्य परिवर्तन के लिए तैयार है और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह इसका संकेत है।
अपने दौरे के दौरान शाह मंगलवार को एक बार फिर कोर ग्रुप के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे। बुधवार को वे राज्य के सांसदों, विधायकों और महानगर कोलकाता क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। साथ ही, मंगलवार को मीडिया को संबोधित कर वे बैठकों के निष्कर्ष साझा कर सकते हैं।
हालांकि, नए साल के उत्सवों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री इस दौरान किसी सार्वजनिक रैली, रोड शो या जनसभा में हिस्सा नहीं लेंगे। यह दौरा पूरी तरह संगठनात्मक बैठकों और आंतरिक रणनीति तक सीमित रखा गया है।
अमित शाह 31 दिसंबर की शाम को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
