ट्रंप का बड़ा दावा, एयरस्ट्राइक के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अमेरिका लाया गया
चिरौरी न्यूज
काराकास/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को काराकास में “बड़े पैमाने पर हवाई हमलों” के बाद अमेरिकी बलों ने हिरासत में ले लिया है। यह दावा वेनेजुएला की राजधानी में कई धमाकों की खबरों के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिससे देश में तनाव और अनिश्चितता फैल गई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेतृत्व के खिलाफ “सफल बड़ा ऑपरेशन” किया है और मादुरो दंपति को अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर देश से बाहर ले जाया गया। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने के लिए मार-ए-लागो में प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा भी की।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के अनुसार, मादुरो और सीलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में नार्को-टेररिज्म साजिश, कोकीन आयात साजिश और हथियारों से जुड़े अपराधों सहित कई आरोप लगाए गए हैं। बोंडी ने कहा कि दोनों पर अमेरिकी अदालतों में मुकदमा चलेगा।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि मादुरो को अमेरिकी सेना की एलीट स्पेशल मिशन यूनिट डेल्टा फोर्स ने पकड़ा। हालांकि, इस दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वेनेजुएला सरकार ने भी आधिकारिक तौर पर ट्रंप के दावे को स्वीकार नहीं किया है।
इस बीच, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में अमेरिकी हमलों के बाद देशभर में सैन्य बलों की तैनाती की घोषणा की। उन्होंने इसे वेनेजुएला पर अब तक की “सबसे बड़ी आक्रामकता” बताया और शांति बनाए रखने के साथ-साथ एकता और प्रतिरोध का आह्वान किया। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी की खबरों का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया।
काराकास के निवासियों ने तड़के कई धमाकों और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की सूचना दी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहर के कुछ हिस्सों में आग और धुएं के गुबार दिखाई दिए। हालांकि, हताहतों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
वेनेजुएला सरकार ने वॉशिंगटन पर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई को “साम्राज्यवादी हमला” बताया है। घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है, जबकि मादुरो की कथित गिरफ्तारी को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है।
