महाराष्ट्र में बदले सियासी समीकरणों के संकेत, सुप्रिया सुले और अजित पवार एक मंच पर नजर आए
चिरौरी न्यूज
पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम और दुर्लभ घटनाक्रम में वर्षों से अलग चल रहे चचेरे भाई-बहन सुप्रिया सुले और अजित पवार शनिवार को एक ही मंच पर नजर आए। वर्ष 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विभाजन के बाद यह पहला मौका था, जब दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से साझा मंच किया। इसे आगामी अहम नगर निकाय चुनावों से पहले एक रणनीतिक नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए संयुक्त रूप से अपना घोषणा पत्र जारी किया। नगर निकाय चुनाव 15 जनवरी को प्रस्तावित हैं।
घोषणा पत्र जारी करने के दौरान अजित पवार और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साथ नजर आए। संगठनात्मक और पारिवारिक मतभेदों के बाद बीते दो वर्षों में यह दोनों नेताओं का पहला साझा राजनीतिक मंच था।
राज्य स्तर पर प्रतिद्वंद्वी, नगर निकाय चुनावों में सहयोगी
दोनों गुटों के अलग-अलग राजनीतिक गठबंधन होने के बावजूद यह गठजोड़ चौंकाने वाला माना जा रहा है। अजित पवार की एनसीपी राज्य में भाजपा के साथ सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है, जबकि एनसीपी (एसपी) विपक्षी महाविकास अघाड़ी में शामिल है।
इसके बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे। घोषणा पत्र के विमोचन के मौके पर एनसीपी (एसपी) के कई नेता मौजूद रहे, जिनमें सुप्रिया सुले भी शामिल थीं, जो अब तक प्रचार से काफी हद तक दूर रही थीं।
नागरिक मुद्दों पर केंद्रित घोषणापत्र
घोषणापत्र जारी करते हुए अजित पवार ने कहा कि दस्तावेज़ का फोकस पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर है।
उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता बुनियादी सुविधाएं और लोगों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।”
घोषणापत्र में सुनिश्चित नल से जलापूर्ति, ट्रैफिक जाम से राहत, गड्ढा-मुक्त सड़कें, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था, हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रदूषण नियंत्रण और झुग्गी पुनर्विकास कार्यों में तेजी का वादा किया गया है।
इसके अलावा PMPML बसों और मेट्रो सेवाओं में मुफ्त यात्रा, 500 वर्ग फुट तक के मकानों पर संपत्ति कर माफी और छात्रों को मुफ्त कंप्यूटर टैबलेट देने का भी प्रस्ताव शामिल है।
स्थानीय शासन को लेकर भाजपा पर अजित पवार का निशाना
हालांकि अजित पवार की पार्टी राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर भाजपा के साथ सत्ता में है, लेकिन इस मौके पर उन्होंने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार से भरपूर धन मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में विकास कार्यों को रोका गया।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 से 2022 तक दोनों नगर निगमों पर भाजपा का नियंत्रण था। अजित पवार अक्सर इस अवधि का हवाला देते हुए शहरी बुनियादी ढांचे और योजना से जुड़े मुद्दों पर भाजपा की आलोचना करते रहे हैं।
