कनाडा में फिर सुर्खियों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग, RCMP रिपोर्ट में भारत सरकार से संबंधों का दावा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: कनाडा में प्रतिबंधित और “आतंकी संगठन” घोषित लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर चर्चा में है। रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की एक गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गैंग “भारत सरकार की ओर से काम कर रहा था।” वैंकूवर स्थित मीडिया संस्थान ग्लोबल न्यूज़ ने इस तीन पन्नों की रिपोर्ट तक पहुंच का दावा किया है।
RCMP की यह रिपोर्ट, जो कि अविनांकित (बिना तारीख की) बताई जा रही है, में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और भारत सरकार के कथित संबंधों का छह बार उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह गैंग कनाडा समेत कई देशों में सक्रिय है और लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।
RCMP ने रिपोर्ट में कहा, “बिश्नोई क्राइम ग्रुप एक हिंसक आपराधिक संगठन है, जो अपने आपराधिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करता है और भारत सरकार की ओर से काम करता रहा है।”
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गैंग की गतिविधियों के पीछे राजनीतिक या धार्मिक नहीं, बल्कि “लालच” मुख्य कारण है। RCMP के मुताबिक, यह गैंग जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और टारगेट किलिंग जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है।
भारत-कनाडा संबंधों के सुधरते दौर में रिपोर्ट
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब भारत और कनाडा के रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। अगस्त 2025 में, करीब 10 महीने तक चले तनाव के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के यहां दोबारा राजनयिक नियुक्त किए थे। इससे पहले, कनाडा ने भारत पर जासूसी और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने बार-बार खारिज किया और सबूत मांगे।
RCMP की रिपोर्ट उसी दिन सार्वजनिक हुई, जिस दिन ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी भारत के व्यापारिक दौरे पर रवाना हुए (12–17 जनवरी)।
कनाडा में बढ़ती हिंसक गतिविधियां
रिपोर्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने बीते एक साल में कनाडा में अपनी हिंसक गतिविधियां तेज कर दी हैं। आतंकी संगठन घोषित होने के बावजूद गैंग का नेटवर्क फैलता जा रहा है। हाल ही में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर हमले को भी जबरन वसूली से जोड़ा गया है।
बताया जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है, लेकिन वहीं से अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित करता है।
पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रिश्ते उस समय और बिगड़ गए थे, जब ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार की भूमिका का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सबूत मांगे थे, जो कनाडा की ओर से कभी सार्वजनिक नहीं किए गए।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के कनाडा में तत्कालीन राजदूत दिनेश पतनायक ने CBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “आरोप लगाना आसान है। भारत पिछले 40 वर्षों से कनाडा में आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। अब तक यहां एक भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई।”
RCMP की रिपोर्ट जहां बिश्नोई गैंग के लिए भारत सरकार पर आरोप लगाती है, वहीं यह सवाल भी उठता है कि ऐसे तत्व कनाडा में दाखिल कैसे हुए और कनाडाई प्रशासन ने समय रहते इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। भारत लंबे समय से कनाडा को संगठित अपराध और आतंकी नेटवर्क को लेकर आगाह करता रहा है, लेकिन ठोस कदमों की कमी पर अब भी सवाल बने हुए हैं।
