गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने वर्ष 2025 में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा की थी। वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। इस मिशन के दौरान उन्होंने असाधारण साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण का परिचय दिया, जिसके लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।
अंतरिक्ष में अपने प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कई महत्वपूर्ण शोध प्रयोग किए और कृषि संबंधी परीक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न किए। उन्होंने अंतरिक्ष में मेथी और मूंग जैसी फसलों की सफल खेती कर वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देगी कि दृढ़ संकल्प और आत्मबल के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी पेशेवर उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता और शांत निर्णय लेने की योग्यता को इस सर्वोच्च सम्मान के माध्यम से मान्यता दी गई है। उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
इससे पहले, 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की रक्षा में असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान के लिए सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान करने की स्वीकृति दी। इनमें से छह पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे।
इन वीरता पुरस्कारों में एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (एक मरणोपरांत), सेना पदक (वीरता) पर एक बार, 44 सेना पदक (वीरता) (पांच मरणोपरांत), छह नौसेना पदक (वीरता) और दो वायुसेना पदक (वीरता) शामिल हैं।
इसके अलावा, ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। वे एक प्रतिष्ठित फाइटर टेस्ट पायलट हैं और भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चयनित चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में वे 3,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे कर चुके हैं।
ग्रुप कैप्टन नायर ने एक्सिओम-4 मिशन के लिए बैकअप क्रू सदस्य के रूप में भी सेवाएं दी हैं और वर्ष 2019 से इसरो के सहयोग से गगनयान कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
