अकबर, बाबर और औरंगज़ेब पर नहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज, राजपूत राजाओं पर फिल्म बननी चाहिए: सुनील शेट्टी

Films should be made on Chhatrapati Shivaji Maharaj and Rajput kings, not on Akbar, Babur, and Aurangzeb: Sunil Shettyचिरौरी न्यूज

मुंबई: अभिनेता सुनील शेट्टी ने ऐतिहासिक विषयों पर बन रही फिल्मों को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा कि सिनेमा में अकबर, बाबर और औरंगज़ेब जैसे शासकों पर बार-बार फिल्में बनाई जाती हैं, जबकि प्राचीन वेदों, राजपूत राजाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान नायकों पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है।

Lehren Retro को दिए एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा, “हम औरंगज़ेब, अकबर, बाबर, बीरबल की ही बातें क्यों करते हैं? हमारा इतिहास हमारी संस्कृति के बारे में होना चाहिए। वह वेदों के बारे में होना चाहिए, राजपूतों के बारे में होना चाहिए, छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में होना चाहिए। देश के हर राज्य के हर नायक की कहानी कही जानी चाहिए।”

उन्होंने सोमनाथ मंदिर से जुड़ी अपनी भावनाओं को भी साझा किया। शेट्टी ने कहा, “सोमनाथ मंदिर को लेकर मैं बहुत भावुक हूं। इसे कितनी बार लूटा गया, तोड़ा गया, लेकिन आज भी वह खड़ा है। यही हमारी संस्कृति और आस्था की ताकत है।”

‘केसरी वीर’ के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने की वजह बताई

सुनील शेट्टी ने अपनी फिल्म केसरी वीर के व्यावसायिक रूप से सफल न हो पाने के पीछे की वजहों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्माण से पहले गहन रिसर्च की गई थी, लेकिन वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) की कमी के कारण फिल्म दर्शकों तक सही ढंग से नहीं पहुंच पाई।

उन्होंने कहा, “हमने फिल्म के लिए बहुत रिसर्च की थी, लेकिन दुर्भाग्य से इसका वितरण ठीक से नहीं हो पाया। डिस्ट्रीब्यूशन बहुत बड़ा खेल है। हमें पर्याप्त थिएटर नहीं मिले। निर्माता ने खुद लोगों के साथ मिलकर फिल्म को रिलीज़ किया और उसमें उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। एक अच्छी फिल्म बेकार चली गई।”

सोमनाथ मंदिर की रक्षा पर आधारित थी फिल्म

प्रिंस धीमान के निर्देशन में बनी केसरी वीर 14वीं सदी में सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए लड़े गए भीषण युद्धों, बलिदान और गुमनाम योद्धाओं की वीरगाथा पर आधारित थी। फिल्म में सूरज पंचोली ने राजपूत योद्धा हमीरजी गोहिल की भूमिका निभाई, जिन्होंने तुगलक साम्राज्य के खिलाफ सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए वीरता से संघर्ष किया।

फिल्म में सुनील शेट्टी ने योद्धा वेगड़ा जी का किरदार निभाया, जबकि विवेक ओबेरॉय ज़फ़र ख़ान के रूप में खलनायक की भूमिका में नजर आए। आकांक्षा शर्मा ने इस फिल्म के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा और उन्होंने निर्भीक महिला योद्धा राजल की भूमिका निभाई।

सुनील शेट्टी का मानना है कि भारतीय सिनेमा को अपनी जड़ों, संस्कृति और असली नायकों की कहानियों को और अधिक मजबूती से पर्दे पर लाना चाहिए।

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