अदाणी समूह के नए टर्मिनल से गुवाहाटी एयरपोर्ट की क्षमता 13.1 मिलियन, पूर्वोत्तर को मिला बड़ा एविएशन बूस्ट
चिरौरी न्यूज
गुवाहाटी: लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के नए टर्मिनल ने रविवार शाम से वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया। इसके साथ ही हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता बढ़कर 13.1 मिलियन हो गई है। यह विस्तार गुवाहाटी को भारत के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख एविएशन गेटवे के रूप में और मजबूत करेगा, जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़ाव का मुख्य केंद्र बन रहा है।
नए टर्मिनल का उद्घाटन 20 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वाणिज्यिक संचालन से पहले चरणबद्ध तरीके से चेक-इन, बैगेज हैंडलिंग, सुरक्षा और विमान टर्नअराउंड सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
परिचालन की शुरुआत के मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा और जीत अदाणी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पहले प्रस्थान करने वाले यात्री को प्रतीकात्मक बोर्डिंग पास जारी किया गया। साथ ही मुंबई से आई अकासा एयर की उड़ान नए टर्मिनल पर उतरी। आगमन प्रांगण में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिनमें शिल्पकार समुदाय, चाय बागान श्रमिक, फ्रंटलाइन स्टाफ और सीआईएसएफ कर्मियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एडवांटेज असम 2.0 के दौरान किए गए 50,000 करोड़ रुपये के निवेश के वादे को पूरा करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नए टर्मिनल के संचालन से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह असम के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
जीत अदानी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यावसायिक मील का पत्थर नहीं, बल्कि असम और पूर्वोत्तर के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भविष्य-उन्मुख अवसंरचना के राष्ट्रीय दृष्टिकोण और असम को पूर्वोत्तर का आर्थिक इंजन बनाने के लक्ष्य को दर्शाती है।
गुवाहाटी बीते एक दशक में देश के सबसे तेजी से बढ़ते गैर-मेट्रो हवाई अड्डों में शामिल रहा है। हाल के वर्षों में यात्री संख्या 90 लाख से अधिक पार कर चुकी है और यह देश के शीर्ष 10 से 12 व्यस्ततम हवाई अड्डों में स्थान रखता है। 13.1 मिलियन की नई क्षमता से नए मार्गों, अधिक उड़ान आवृत्तियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क विस्तार को गति मिलेगी।
हवाई अड्डा 21 घरेलू और तीन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों—बैंकॉक, पारो और सिंगापुर—से जुड़ा है। प्रतिदिन 130 से अधिक विमान आवागमन यहां संचालित होते हैं। अतिरिक्त क्षमता से गुवाहाटी की भूमिका पूर्वोत्तर, मुख्यभूमि भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच क्षेत्रीय हब के रूप में और मजबूत होगी।
वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान
नए टर्मिनल की डिजाइन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय वास्तुकार नूरु करीम ने तैयार की है। इसकी प्रेरणा असम के ‘कोपौ फूल’ (फॉक्सटेल ऑर्किड) से ली गई है। निर्माण में 140 मीट्रिक टन से अधिक बांस का उपयोग किया गया है। डिजाइन में असम की भोलुका बांस शिल्पकला और अरुणाचल प्रदेश की अपातानी जनजाति की पारंपरिक बांस संरचना की झलक मिलती है।
मेहराबदार छत प्राकृतिक प्रकाश और विशालता का अनुभव कराती है, जबकि एम्फीथिएटर शैली का आगमन प्रांगण यात्रियों को क्षेत्रीय कला और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराता है। इस डिजाइन को वर्ष 2025 का इंटरनेशनल आर्किटेक्चर अवॉर्ड भी मिल चुका है।
हवाई अड्डे का संचालन अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) अपनी सहायक कंपनी गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GIAL) के माध्यम से कर रही है। AAHL देश में तिरुवनंतपुरम, मुंबई, नवी मुंबई, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद और मंगलुरु हवाई अड्डों का भी प्रबंधन करती है।
